आजमगढ़। अदालत के आदेश के बावजूद थाने में बंद कार को नहीं छोड़ने पर अदालत ने गंभीर कदम उठाते हुए थाना प्रभारी मेहनाजपुर को निरुद्ध वाहन को बृहस्पतिवार 10 दिसंबर को एक बजे से पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने का आदेश दिया है। यह आदेश मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष राणा की अदालत ने दिया।
मुकदमे के अनुसार कानपुर निवासी प्रमोद जायसवाल की थाने में बंद रेनाल्ड क्विड कार को छोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सुनवाई के बाद अदालत ने छह मार्च 2020 को थाने में बंद कार को वाहन स्वामी को दिए जाने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद लगभग नौ माह बीत जाने पर भी थाना प्रभारी ने रिलीज न कर हिलाहवाली करते रहे। इस मामले में थाना प्रभारी ने गत 25 नवंबर को अदालत में हाजिर होकर आदेश का अनुपालन किए जाने का वचन दिया। फिर भी वाहन को रिलीज नहीं किया। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के दौरान उक्त आदेश परित किया कि वाहन को अदालत के समक्ष पेश करें।