मुबारकपुर स्थित मदरसा जामिया नूरुल उलूम की मान्यता निलंबित कर दी गई है। मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने भूमि और भवन के अभिलेखों में अनियमितता व फर्जीवाड़े के आरोप सही पाए जाने के बाद पहले मदरसे की मान्यता निलंबित की।
वहीं, अब प्रबंधन समिति के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दिया है।
यह कार्रवाई हाजी अली इमाम की शिकायत पर हुई। शिकायत में मदरसे की मान्यता से संबंधित भूमि व भवन के अभिलेखों में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था।
रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने मदरसा प्रबंधन को स्पष्टीकरण और मूल दानपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जांच में सामने आया कि मदरसे ने वर्ष 1998 में आलिया स्तर की स्थायी मान्यता फर्जी दानपत्र के आधार पर प्राप्त की थी। यह दानपत्र 20 जून 1997 का बताया गया था।
इसमें भूमि तहसील मोहम्मदाबाद गोहना, जनपद आजमगढ़ में अंकित थी। हालांकि, वर्ष 1988 में ही मऊ जनपद का गठन हो चुका था। मोहम्मदाबाद गोहना तब मऊ जिले का हिस्सा था, जिससे दानपत्र संदिग्ध हो गया। परिषद ने प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के कई अवसर दिए, लेकिन उपलब्ध कराए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए।
दानपत्र और अभिलेखों में मिलीं गंभीर विसंगतियां
जांच में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। वर्ष 1997 के दानपत्र में आजमगढ़ का उल्लेख था, जबकि मोहम्मदाबाद गोहना मऊ जिले में था। फसली वर्ष 1998 से 2004 तक के खसरा अभिलेखों में संबंधित भूमि पर मदरसे का कोई उल्लेख नहीं मिला। दानपत्र में प्रबंधक निहाल अहमद को दर्शाया गया, जबकि उस समय वैध प्रबंधक जहीन अहमद थे।
अपंजीकृत दानपत्र और रजिस्ट्री का खंडन
विभाग ने कथित दानपत्र की वैधता पर भी सवाल उठाए। अचल संपत्ति के दान के लिए पंजीकरण अनिवार्य होता है, लेकिन प्रस्तुत दानपत्र अपंजीकृत था। यह मात्र 10 रुपये के स्टांप पर निष्पादित दिखाया गया, जो नियमों के विपरीत है। वर्ष 2013 में संबंधित भूमि की जो रजिस्ट्री मदरसे के पक्ष में कराई गई, उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि इससे पूर्व कोई अनुबंध या दान नहीं किया गया था। यह तथ्य 1997 के कथित दानपत्र की सत्यता पर और संदेह पैदा करता है। इस पर मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने पहले मदरसे की मान्यता निलंबित की और अब प्रबंधन सहित जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।
-वर्जन
रजिस्ट्रार की तरफ से मदरसे की मान्यता निलंबित करने संबंधी पत्र प्राप्त हो गया है। मान्यता निलंबन के साथ ही रजिस्ट्रार की ओर से प्रबंधन और जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। रजिस्ट्रार से स्थिति को क्लियर कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।