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मौत को दावत दे रहे खुले ट्रांसफार्मर, प्रशासन बेखबर

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आजमगढ़। बिजली विभाग की कार्यशैली किसी से छिपी नहीं है। वर्तमान में पूरे शहर में दर्जन भर से अधिक ट्रांसफार्मर मानक की अनदेखी कर स्थापित हैं और हादसों को दावत दे रहे हैं, इसके बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। दर्जन भर से अधिक स्थानों पर खुले ट्रांसफार्मर कई बार हादसों का कारण भी बन चुके हैं, फिर भी विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक जहां भी बिजली विभाग सप्लाई के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करता है उसके लिए काफी नियम बने हुए हैं। खुले स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाया जाता है और उसे घेर कर सुरक्षा के प्रबंध किए जाते हैं। इसके साथ ही ऐसे स्थान पर भी ट्रांसफार्मर लगाने की मनायी है जहां पानी भरने का खतरा हो। वहीं ट्रासंफार्मर सड़क के किनारे यदि लगा है तो उसे उंचाई पर चबूतरा बना कर स्थापित किया जा सकता है। इन सभी नियमों की इन दिनों पूरे शहर क्षेत्र में अनदेखी हो रही है। आधा दर्जन से अधिक जगहों पर तो ट्रांसफार्मर खुले ही लगे हैं और सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं। कई जगह ट्रांसफार्मरों के तार व उसकी खूंटी सड़क की ओर निकली हुई है जो हादसों को दावत दे रही है। शहर के अतलसपोखरा के पास ईदगाह के सामने लगे ट्रांसफार्मर का तो काफी बूरा हाल है। सड़क की आधी पटरी को ही कब्जा कर विभाग ने ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं शहर कोतवाली के सामने बंधे के किनारे लगा ट्रांसफार्मर भी खुले में ही पड़ा है। कभी कोई वाहन टकरा जाता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा ही कुछ हाल शहर के अन्य कई इलाकों में भी है जहां खुले में ट्रांसफार्मर स्थापित है और विभाग इन स्थानों पर जाली लगाना भूल गया है, जिससे इन स्थानों पर हादसों की आशंका बनी हुई है।
अरविंद कुमार सिंह, एक्सईएन, वितरण खंड प्रथम ने कहा कि जहां भी ट्रांसफार्मर लगे है उस स्थान को जाली से घेरा जाना जरूरी है। यदि कहीं बिना जाली के घेराबंदी के ट्रांसफार्मर स्थापित है तो ऐसे स्थानों को जल्द चिन्हित करा कर वहां जाली आदि लगा कर सुरक्षा के उपाय करायें जायेंगे। जल्द ही इसकी कवायद शुरू करा दी जायेगी।
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