आजमगढ़। कोरोना काल के कारण पूर्व में चल रही गाड़ियों का संचालन अभी तक पूरी तरह से चालू नहीं हो सका है। आजमगढ़ से होकर गुजरने वाली 17 जोड़ी ट्रेनों में से मात्र चार जोड़ी ट्रेनों का ही संचालन हो पा रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। अब स्थानीय लोग भी ट्रेनों के संचालन की मांग उठा रहे हैं।
दीपावली व छठ के बाद से लगातार ट्रेनों पर दबाव बढ़ रहे हैं लेकिन अभी तक मात्र चार जोड़ी ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। वहीं कोरोना काल से पूर्व प्रतिदिन पांच हजार यात्री आजमगढ़ आदर्श रेलवे स्टेशन से सफर तय करते थे। वहीं अब यह संख्या घटकर आधे से भी कम हो गई है। वहीं प्रतिदिन की कमाई चार से पांच लाख से घटकर एक लाख पर सिमट गई है। स्टेशन की कमाई भी घट गई है। पूर्व में चल रही ट्रेनों के न चलने से यात्रियों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी तो सवारी गाड़ी में सफर करने वाले हैं। अन्य जनपदों में नौकरी व व्यवसाय करने वाले सवारी गाड़ी से ही अपना प्रतिदिन आवाजाही करते थे। सवारी गाड़ी के संचालन न होने से उन्हें बस का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं। कई बार लोगों ने ट्रेनों के संचालन की मांग की लेकिन अभी तक इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों के न चलने से परदेश में रहने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आजमगढ़ से होकर मुंबई जाने वाली स्पेशल ट्रेन गोदान एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, सरयु-यमुना एक्सप्रेस व कैफियात एक्सप्रेस ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। बाकी की अन्य ट्रेनों के संचालन को बंद कर दिया गया है।
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इन ट्रेनों का अभी तक नहीं हो सका संचालन
आजमगढ़ से होकर कुल 17 जोड़ी ट्रेनें चलती हैं। इनमें से कुछ ट्रेनें प्रतिदिन चलती हैं तो कुछ साप्ताहिक और कुछ सप्ताह में तीन दिन ही चलती हैं। रेलवे ने इन सभी ट्रेनों में से मात्र चार जोड़ी ट्रेनों का ही संचालन किया है। बाकी का संचालन अभी ठप है। आनंद बिहार एक्सप्रेस, साप्ताहिक लोकमान्य तिलक, साप्ताहिक कोलकाता एक्सप्रेस, पैसेंजर आजमगढ़-वाराणसी तमसा, शाहगंज-बलिया पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनों के संचालन के लिए मांग उठ रही है।