फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्वारंटीन हुए कर्मियों को खाने में सिर्फ सूखी पूड़ी, वीडियो वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। कोरोना संक्रमण काल में देवदूत बन मरीजों की सेवा करने वाले कर्मचारियों के हक पर भी डाका डाला जा रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन वार्ड व क्वारंटीन सेंटर में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अस्पताल परिसर में बनाए गए कर्मचारियों के क्वारंटीन सेंटर पर ही रोका गया है। यहां उन्हें खाने में सूखी पूड़ी दी जा रही है। शनिवार को सूखी पूड़ी का वीडियो वायरल हो गया तो मेडिकल कालेज प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
विज्ञापन

मेडिकल कालेज चक्रपानपुर कोरोना संक्रमण के इस दौरान में जिले का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां 20 बेड का आईसोलेशन वार्ड है। जिसमें जिले में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। ड्यूटी में काफी संख्या में संविदा सफाई कर्मचारी लगाए गए है। आईसोलेशन व क्वारंटीन सेंटर में लगाए गए डॉक्टरों व नर्सों को तो जिला मुख्यालय स्थित होटलों में क्वारंटीन किया गया है तो वहीं सफाई कर्मचारी मेडिकल कालेज परिसर में ही स्थित एक ब्लाक में बने भवन में क्वारंटीन किया गया है। मेडिकल कालेज प्रशासन ने रहने के साथ ही खाने पीने का इंतजाम यहां किया हुआ है लेकिन खाने के नाम पर कर्मचारियों को सूखी पूड़ी दी जा रही है। इसके पूर्व भी क्वारंटीन कर्मचारियों ने मेडिकल कालेज प्रशासन पर नाश्ता आदि न देने का आरोप लगाया था। शनिवार को वायरल हुए वीडियो में कई कर्मचारी ने अपने व्यथा कही है। इसके साथ ही मेडिकल कालेज प्रशासन पर छोटे कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया है। क्वारंटीन सेंटर के अंदर बने वीडियो के वायरल होते ही जिला प्रशासन व मेडिकल कालेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पूर्व में हुई शिकायत पर हटा दिए गए थे दो कर्मी
आजमगढ़। शिकायत करने वाले सभी कर्मचारी संविदा पर कार्यरत है। एक सप्ताह पूर्व ही ऐसी शिकायत हुई थी, जिस पर मेडिकल कालेज प्रशासन ने दो संविदा कर्मियों की छुट्टी कर दी थी। अब एक बार फिर कोरोना संक्रमण में देवदूत बन ड्यूटी कर रहे सफाई कर्मचारियों ने मेडिकल कालेज प्रशासन की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठायी है।
विज्ञापन

बिना सुरक्षा संसाधन के करायी जा रही ड्यूटी
आजमगढ़। मेडिकल कालेज में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों को दवा आदि देने की जिम्मेदारी स्टाफ नर्सों की है। इन नर्सों के भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए है। किसी भी स्टाफ नर्स को पीपीटी किट नहीं उपलब्ध करायी गई है। एन-95 मास्क व पीपीटी किट सिर्फ डॉक्टरों के लिए है। स्टाफ नर्सो को सर्जिकल मास्क आदि ही उपलब्ध कराया जाता है। एक मास्क से दो से तीन दिन काम चलाना पड़ता है। जबकि आईसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को एन-95 मास्क के अलावा पीपीटी किट व गलब्स आदि उपलब्ध होना चाहिए। जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में क्वारंटीन की गई स्टाफ नर्सो ने यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर दी। इसके लिए उन्होंने मैटर्न को जिम्मेदार बताया है।
मेरे संज्ञान में ऐसा नहीं है। क्वारंटीन में रखे गये सभी कर्मचारियों को दो वक्त का भोजन, नाश्ता आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। यदि कुछ कमी है तो कर्मचारियों को सुपरवाइजर के माध्यम से मुझसे शिकायत करनी चाहिए थी। फिर भी मैं दिखवाता हूं कि कहां से गड़बड़ी है। यदि गड़बड़ी है तो निश्चित तौर पर इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जायेगी। कोरोना ड्यूटी में लगे सभी डॉक्टर व कर्मचारी हमारे के लिए महत्वपूर्ण है। किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन

डॉ. आरपी शर्मा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज, चक्रपानपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें