आजमगढ़। मंडल में गेहूं खरीद को दो माह पूरे होने वाले हैं लेकिन अभी तक लक्ष्य के मुकाबले महज 29.66 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा गया है। सबसे अधिक मऊ जिले में 50 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई है। आजमगढ़ और बलिया जनपद गेहूं खरीद में काफी पीछे हैं।
मंडल में 203 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद बीते 17 मार्च से चल रही है। कटाई- मड़ाई के बाद बीच में गेहूं खरीद में तेजी आई थी लेकिन बाद में फिर धीमी हो गई। अब लक्ष्य के हिसाब खरीद नहीं हो पा रही है। मंडल में 100500 मीट्रिक टन लक्ष्य की तुलना में 29811.73 मीट्रिन टन यानी 29.66 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद में अभी एक माह तो बचा है लेकिन क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। व्यापारी गांवों में ही अच्छा मूल्य देकर गेहूं खरीद ले रहे हैं। इसके कारण 15 जून तक लक्ष्य के हिसाब से खरीद हो पाना मुश्किल है। खरीद के लिए लगीं पांच एजेंसियों को देखा जाए तो खाद्य निगम ने 38.46 प्रतिशत खरीद की है। वहीं, पीसीएफ की स्थिति काफी खराब है। मंडल में इसके ज्यादा क्रय केंद्र होने के बाद भी मात्र 25 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद की है। जनपदवार खरीद की स्थिति देखी जाए तो आजमगढ़ में 35500 मीट्रिक टन के मुकाबले 17795.43 मीट्रिक टन यानी 33.23 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया है। सबसे अच्छी खरीद मऊ में हुई है। यहां पर 17500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 8729.89 मीट्रिक टन खरीद हुई है। यह लक्ष्य का 50 प्रतिशत है। सबसे खराब स्थिति बलिया की है। यहां पर 47500 मीट्रिक टन की तुलना में महज 19.65 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका है।
कम खरीद पर कई केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किया गया था। सभी केंद्र प्रभारियों को गांव में जाकर किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है। जो किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर आ रहे हैं, उनसे तो गेहूं खरीदा जा रहा है। साथ ही किसानों से संपर्क करके भी खरीद हो रही है। पूरा प्रयास है कि लक्ष्य के हिसाब से गेहूं की खरीद हो। - राजीव कुमार मिश्र, संभागीय खाद्य नियंत्रक।