संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। अस्पतालों की तरह ही जिले में हर कदम-कदम पर पैथोलॉजी सेंटर खुले हैं। सिर्फ 10 पैथोलॉजी सेंटर सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। जबकि जिले में करीब 500 से ज्यादा सेंटर संचालित हो रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभाग उन्हें सील तो करता है लेकिन इसके कुछ बाद ही यह फिर से संचालित होने लगते हैं।
जनपद में हर निजी अस्पताल के पास खुद का पैथोलॉजी सेंटर है। यहां आने वाले मरीजों की जांच अस्पताल के अंदर ही होती है। वहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जिले में 500 से अधिक पैथोलॉजी सेंटर संचालित हो रहे हैं। जनपद का कोई ऐसा बाजार नहीं है जिसमें एक या दो पैथोलॉजी सेंटर संचालित न हों। अगर दो सेंटरों की जांच रिपोर्ट देखें तो इसमें भिन्नता पाई जाती है। पूर्व में ऐसे मामले भी आ चुके हैं। जिसे लेकर हंगामा भी हो चुका है।
कुछ दिन पहले ही एक मामला आया था जहां निजी सेंटर पर जांच कराने के बाद युवक की एचआईवी रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी। जिसके बाद उसने सरकारी अस्पताल में जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई।
बिना लैब टेक्नीशियन के तैयार होती है रिपोर्ट
अगर इनकी जांच की जाए तो किसी भी पैथोलॉजी सेंटर पर कोई एलटी तैनात नहीं मिलेगा। फिर भी यहां धड़ल्ले से रिपोर्ट तैयार कर मरीज को पकड़ाई जाती है। इतना ही नहीं सरकारी अस्पतालों में तैनात लोग भी जगह-जगह पैथोलॉजी सेंटर खोलकर कर्मचारी को तैनात कर लोगों की जांच करा रहे हैं।
15 अक्तूबर 2024 को एसीएमओ डाॅ. अरविंद चौधरी ने सगड़ी तहसील में अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों का निरीक्षण किया था। इस दौरान कृष्णा एक्स-रे एवं पैथोलाॅजी सेंटर का निरीक्षण किया। यहां नोटिस जारी करने के बाद जवाब नहीं देने पर उन्होंने इसे सील करने की कार्रवाई की। नौ महीने पूर्व सीएमओ की ओर से गठित टीम ने बिलरियागंज स्थित पूर्वांचल डिजिटल एक्सरे एंड पैथोलॉजी सेंटर की जांच की। वहां मौजूद संचालक मौके पर कोई अभिलेख नहीं दिखा सका। इसके कारण टीम ने एक्सरे और पैथोलाॅजी सेंटर को सील कर दिया।
अभी तो हम आए हैं। अगर ऐसा है तो हम इसके लिए टीम का गठन करके इनकी जांच कराएंगे। अगर कोई पैथोलॉजी या सोनोग्राफी सेंटर बिना पंजीकरण के चलता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। - ननकू राम, सीएमओ।