आजमगढ़। फिल्म निर्माता सतीश कौशिक द्वारा जनपद के लालबिहारी मृतक के जीवन पर ‘‘कागज’’ फिल्म का निर्माण किया गया। वर्तमान में यह फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित भी हो रही है। वहीं यह फिल्म विवादों का कारण बन गई है। निर्माता पर पहले ही धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले लालबिहारी ने अब उनके ऊपर एफआईआर दर्ज करने के लिए आनलाइन तहरीर दी है।
डीएम और एसपी को भेजे गए पत्र में लालबिहारी मृतक ने कहा है कि 2003 में फिल्म लेखक इम्तेयाज हुसैन फिल्म निर्माता सतीश कौशिक को लेकर मुंबई से हमारे पास आए। उन्होंने मेरे द्वारा किए गए संघर्ष पर मैं जिंदा हूं के नाम से फिल्म बनाने के लिए कहा। उनके द्वारा मुझे धोखा देकर इंग्लिश के पेपरों पर मुझसे हस्ताक्षर कराकर मेरे पूरे अधिकार छीन लिए गए। उनके द्वारा मेरे जीवन पर आधारित फिल्म को कागज नाम से बनाया गया। फिल्म में मेरे द्वारा लिखा गया दो गाना भी है। जनवरी 2012 में फिल्म रीलिज हुई। फिल्म को देखने के बाद मुझे मानसिक रूप से आघात लगा है। मेरी सत्य घटना पर आधारित कागज फिल्म में अछूत शब्द का प्रयोग कर एक संप्रदाय को नीचा दिखाकर घृणित किया गया है। शव यात्रा के साथ न्याय पालिका स्वाहा, विधानसभा स्वाहा आदि कहकर न्यायपालिका और विधानसभा का अपमान क देशद्रोह का कार्य किया गया है। मैं किसान और मजदूर का बेेटा बुनकर हूं। मुझे बैंडबाजा वाला बनाकर लालबिहारी मृतक के स्थान पर भरत लाल मृतक कहा गया है। मैं पूजा पाठ में विश्वास नहीं रखता हूं, कर्मयोगी हूं। फिल्म में पूजा-पाठ, घंटा बजाना, करवाचौथ आदि दिखाकर ऊंच नीच की भावनाओं से खिलवाड़ करके मुझे अछूत कहकर अपमानित किया गया है। मेरे संघर्षों को मिटाकर कहानी को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है। जो मानवाधिकारों का हनन और मेरे साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने डीएम और एसपी से फिल्म के निर्देशक सतीश कौशिक, प्रोडक्शन जी-5 फिल्म सेंसर बोर्ड मुंबई के काल्पनिक संवाद लिखने वाले के विरुद्घ मानहानि, देशद्रोह, धोखाधड़ी, छुआछूत और साजिश करने वालों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।