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एक हजार मीट्रिक टन आलू स्टोर, फिर भी आसमान पर दाम

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आजमगढ़। हर घर में लगभग रोज इस्तेमाल किया जाने वाला आलू आज लोगों की थाली से दूर होता जा रहा है। इसकी आसमान छूती कीमतों के कारण सामान्य मध्य वर्ग के लोगों की पहुंच से यह दूर हो गया है। कहा जा रहा है कि पहले ओले और बरसात ने आलू की फसल को नुकसान पहुंचाया, अब जमाखोर सक्रिय हो गए। वास्तव में जिले के शीत भंडारण गृहों में अब भी करीब एक हजार मीट्रिक टन आलू डंप पड़ा है। मुनाफा वसूली के चलते इसे बाजार तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। जबकि फुटकर बाजार में आलू के दाम 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। आलू के साथ ही प्याज दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
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जिले में बड़े पैमाने पर आलू का भंडारण किया जाता है। यहां के किसान अपना आलू रखवाते हैं लेकिन किसानों के लिए जहां अपनी उपज की लागत तक निकालना मुश्किल हो जाता है। वहीं कालाबाजारी वाले जमाखोर मौका मिलते ही सक्रिय हो जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में आलू व प्याज की कीमतों में 20 से 25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। शहर में आलू 45 से 50 रुपये प्रति किलो व प्याज 80 से 85 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। जिले के सात शीत भंडारण गृह में 10 हजार 164 मीट्रिक टन आलू स्टोर किया गया था। अक्तूबर तक नौ हजार 148 मीट्रिक टन आलू की ही यहां से निकासी की गई है। आलू की निकासी की धीमी रफ्तार से बाजार में दाम आसमान छूने लगे हैं। करीब एक हजार मीट्रिक टन आलू अभी शीत गृह में ही पड़े हैं।
शासन के निर्देश पर शीत भंडारण गृह संचालकों को नोटिस दिया गया है। संचालकों को 31 अक्तूबर तक शीत गृह खाली कर दिए जाएंगे। 31 अक्टूबर के बाद कार्रवाई होगी। - दिनेश सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक उद्यान विभाग आजमगढ़।
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