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अब तक नहीं लौटा जेल से पैरोल पर छूटा एक बंदी, एक की हुई मौत

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण काल में शासन के आदेश के बाद मई माह में पैरोल पर छोड़े गए सिद्धदोष बंदियों की जेल में वापसी की तिथि बीत चुकी है। 21 से 23 नवंबर तक ही इन बंदियों को जेल में अपनी आमद करानी थी। अभी तक एक बंदी जेल नहीं पहुंचा है। वहीं एक की पैरोल के दौरान मौत की सूचना है। कोरोना काल के दौरान सात साल तक की सजा वाली धाराओं में जेल में निरुद्ध विचाराधीन 245 बंदियों को न्यायालय से जमानत दी गई थी।
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कोरोना का संक्रमण जब चरम पर था तो उस दौरान मई माह में शासन के निर्देश पर जिला कारागार में बंद 11 सिद्धदोष बंदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था। नवंबर माह में शासन ने पैरोल को बढ़ाने से इंकार करते हुए फरमान जारी किया कि 21 से 23 नवंबर के बीच पैरोल पर छोड़े गए सभी सिद्धदोष बंदियों की आमद करा ली जाए। शासन के फरमान को बीते एक पखवारा से अधिक का समय हो चुका है और अभी तक पैरोल पर छूटे दो बंदी जेल नहीं पहुंचे है। इसमें एक की इस दौरान मौत हो जाने की सूचना जेल प्रशासन को मिली है तो दूसरे को आमद कराने के लिए नोटिस आदि भेजी गई है। पैरोल के अलावा मई-जून माह में सात वर्ष से कम सजा वाले विचाराधीन बंदियों को भी जेल से जमानत पर छोड़ा गया था। न्यायालय के आदेश पर जेल से जमानत पर 245 बंदियों को छोड़ गया था।
कोरोना काल के दौरान पैरोल पर जेल से 11 बंदियों को छोड़ा गया था। इसमें से नौ बंदी पैरोल की समय-सीमा समाप्त होने पर वापस जेल आ चुके है। दो बंदी अब तक नहीं पहुंचे है। जिन्हें नोटिस भेजी गई है। एक बंदी के यहां से नोटिस का जवाब आया है, जिसमें पैरोल के दौरान उसकी मौत हो जाने की बात कही गई है। दूसरा जो अब तक नहीं लौटा है। उसकी हाजिरी सुनिश्चित कराने की कवायद चल रही है।
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श्रीधर, सिनियर डिप्टी जेलर, जिला कारागार आजमगढ़।
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