आजमगढ़। थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति को कुछ लोगों ने बैंक ड्राफ्ट का क्लोन बना कर एक करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। पीड़ित ने शॉपिंग मॉल के सामान मंगाने के लिए उक्त बैंक ड्राफ्ट बनवाया था। बिना बैंक ड्राफ्ट दिए ही पैसा गायब होने से परेशान पीड़ित ने अतरौलिया थाने में दो नामजद समेत एक बैंक मैनेजर व उस खाताधारक जिसके खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया।
अतरौलिया थाना क्षेत्र के थिरईपट्टी निवासी पदमाकर तिवारी का अतरौलिया बाजार में आर एंड डी मल्टीप्लेक्स के नाम से सिनेमा हाल व शापिंग मॉल है। शापिंग माल की अभी शुरू नहीं हुआ है। शापिंग मॉल के लिए सामान मंगाने की योजना पदमाकर ने बताया। पदमाकर के अनुसार महराष्ट्र प्रांत के ठाणे निवासी रवि सिंह मौरी 19 दिसंबर 2023 को उनके शॉपिंग मॉल पर आए और मणिपुर वीकर्स डेवलपमेंट कंपनी से सामान दिलाने की बात कही।
इसके लिए कम से कम एक करोड़ के इनवेंटमेंट की बात बताया। एक करोड़ का बैंक ड्राप्ट बनवा कर उसकी फोटो काॅपी देने को कहा। इस पर पदमाकर ने 22 दिसंबर 2023 को एक करोड़ का बैंक ड्राफ्ट मणिपुर वीकर्स डेवलपमेंट इंफाल के नाम से बनवा दिया और 23 दिसंबर 2023 को भूपेंद्र पांडेय उनके मल्टीप्लेक्स पर पहुंचे और ड्राफ्ट की फोटो मोबाइल से खींच कर रवि सिंह को भेज दिया। एक सप्ताह बाद जब वह रवि सिंह व भूपेंद्र पांडेय के मोबाइल पर सामान के बाबत फोन करने लगा तो उन लोगों ने फोन नहीं उठाया।
गड़बड़ी आशंका होने पर पदमाकर एचडीएफसी बैंक जलालपुर अंबेडकरनगर पहुंचे। और पूर्व में बने एक करोड़ के डीडी को कैंसिल कर लोन खाते में जमा कराने का पत्र दिया तो प्रबंधक ने बताया कि पैसा तो मणिपुर वीकर्स डेवलपमेंट के खाते में ट्रांसफर हो चुका है। ड्राफ्ट पास में होने के बाद भी भुगतान हो जाने की जानकारी होते ही पदमाकर के होश उड़ गए। काफी भाग दौड़ करने पर बैंक प्रबंधक ने 21 मार्च को मूल डीडी रिसीव किया और क्लोन डीडी के माध्यम से हुए भुगतान को होल्ड करा दिया। इसके बाद पीड़ित ने रवि सिंह, रूपेंद्र पांडेय के अलावा शाखा प्रबंधक एचडीएफसी लेम्फेलपत व मणिपुर वीकर्स डेवलेपमेंट को नामजद किया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी है।
मल्टीप्लेक्स संचालक की तहरीर पर दो नामजद समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। - विरेंद्र सिंह, एसएचओ, अतरौलिया।