आजमगढ़। पश्चिम बंगाल के माल्दा से चलकर जनपद में पहुंचे दो लाख रुपये के नकली नोटों के साथ अतरौलिया थाने की पुलिस ने डी-29 गैंग के हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। शुक्रवार को पुलिस ने घटना का खुलासा किया था। वहीं इस मामले में एक टीम बनाकर पश्चिम बंगाल भेजी गई थी। टीम ने हिस्ट्रीशीटर को नकली नोट आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ लिया है। उसे लेकर जनपद आ रही है।
बताते चलें कि बृहस्पतिवार को थानाध्यक्ष अतरौलिया वीरेन्द्र कुमार सिंह, एसओजी टीम के साथ अतरौलिया कस्बे में मौजूद थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति जाली नोटों के साथ रामपुर मिश्रौलिया अंडरपास के पास खड़ा है। इस सूचना पर थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह और एसओजी टीम रामपुर मिश्रौलिया अंडरपास के पहुंची और अतरौलिया थाना क्षेत्र के अचलीपुर गांव निवासी सचिन पांडेय (27) को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से दो लाख रुपये के नकली नोट को बरामद किया। पुलिस द्वारा उसका चालान कर न्यायालय भेज दिया। एसपी ने इस मामले में एक टीम बनाकर सचिन को नोटों की आपूर्ति करने वाले की गिरफ्तारी के लिए पश्चिम बंगाल भेजा था। पश्चिम बंगाल गई टीम ने सचिन को नोट आपूर्ति करने वाले आरोपी को पकड़ लिया है। पुलिस उसे लेकर आ रही है। रविवार को पुलिस इस घटना का पूर्ण रूप से खुलासा कर सकती है।
कई राज से उठ सकता है पर्दा
आजमगढ़। सचिन को नोटों की आपूर्ति करने वाले आरोपी युवक की गिरफ्तारी से नोटों के कनेक्शन की जानकारी हो सकती है। पुलिस इन नोटों के कनेक्शन को बांग्लादेश या फिर पाकिस्तान से जोड़कर देख रही है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में कई राज से पर्दा उठ सकता है। क्योंकि यह वहीं युवक बता सकता है कि देश में नकली नोट के सौदागर है या फिर वह बांग्लादेश या फिर पाकिस्तान में हैं।
पश्चिम बंगाल गई टीम ने सचिन को नोट आपूर्ति करने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वह इसे लेकर आ रही है। उनके जनपद आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
चिराग जैन, एएसपी ग्रामीण।