सात विधान सभा क्षेत्रों को व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र घोषित किया गया है। इन विधान सभा क्षेत्रों में एक-एक अतिरिक्त सहायक व्यय प्रेक्षक की तैनाती की गई है। विधान सभा 343-अतरौलिया के लिए एक सहायक व्यय प्रेक्षक की तैनाती की गई है जो निर्वाचन एवं अभ्यर्थियों के व्यय लेखा प्रेषण तक कार्य करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि विस 343-अतरौलिया के लिए पूर्व में लगाए गए सहायक व्यय प्रेक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह, विकास अधिकारी भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा द्वितीय के स्थान पर भानु प्रताप राय प्रबंधक इंडियन बैंक रैदोपुर को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक व्यय प्रेक्षक टीम में लगाये गए अधिकारी प्रत्येक विधान सभा में एक-एक सहायक व्यय प्रेक्षक की तैनाती जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है, लेकिन व्यय संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में दो या अधिक सहायक व्यय प्रेक्षक हो सकते हैं। एक घटनाओं की बाह्य (आउटडोर) रिकॉर्डिंग के लिए और दूसरा टीम के साथ समन्वयन के लिए होगी।
सहायक व्यय प्रेक्षक को अधिसूचना की तिथि से लेकर मतदान/पुनर्मतदान की तिथि तक यदि कोई हो। निर्वाचन क्षेत्र में तैनात किया जाएगा तथा वे व्यय प्रेक्षक की अनुमति के बिना निर्वाचन क्षेत्र छोड़कर नहीं जा सकेंगे। हालांकि, सहायक व्यय प्रेक्षक मतगणना के दिन से एक दिन पूर्व एवं पुन: निर्वाचन परिणाम घोषित होने के बाद 25वें दिन से 37वें दिन तक अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण देने तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों की संवीक्षा रिपोर्ट एवं व्यय प्रेक्षक रिपोर्ट तैयार करने से सहायता करने के प्रयोजनार्थ ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करेंगे। परिणामों के घोषित होने के 37वें दिन के बाद उनको अंतिम रूप से कार्यमुक्त किया जाएगा। सहायक व्यय प्रेक्षक निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशियों के विभिन्न जन सभाओं व रैली आदि की वीडियो सीडी की रिपोर्ट को देखकर प्रत्येक अभ्यर्थी से संबंधित रिपोर्ट एवं शिकायतों को पढ़कर उनके छाया प्रेक्षण रजिस्टर और व्यय रजिस्टर तथा साक्ष्य फोल्डर के रख-रखाव का पर्यवेक्षण करेंगे। भ्रष्ट आचरण की शिकायत होने पर सहायक व्यय प्रेक्षक इसे शीघ्र कार्यवाही के लिए उड़न दस्तों को हस्तान्तरित करते हुये व्यय प्रेक्षक को तुरन्त सूचित करेगे तथा उड़न दस्ते प्रत्येक शिकायत पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट देंगे। यदि उड़न दस्ते द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है या कार्यवाही करने में देरी की जाती है तो वह इसे व्यय प्रेक्षक के नोटिस में लाएंगे जो इसके बदले में आयोग को रिपोर्ट करेंगे और एक-एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को देंगे। सहायक व्यय प्रेक्षक, जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण और अनुवीक्षण समिति के साथ समन्वय करेंगे और उसके प्रभावी कार्य संचालन के विषय में व्यय प्रेक्षक को रिपोर्ट करेंगे। यदि इस समिति द्वारा सभी केबल/चैनल/समाचार पत्र आदि नहीं देखे जा रहे हैं, तो इसे तुरन्त ही व्यय प्रेक्षक/आयोग के नोटिस में लाया जाना चाहिए, साथ ही एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी दी जानी चाहिए।