आजमगढ़। जिले में नौतपा का असर हर तरफ दिख रहा है। कई दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होकर फुंक जा रहे हैं। विभाग के आंकड़े बताते है कि मई में विभिन्न क्षमता के 450 ट्रांसफाॅर्मर फुंक चुके हैं। इस समय औसतन 30 ट्रांसफाॅर्मर प्रतिदिन फुंक रहे हैं और तैयार सिर्फ 25 हो रहे हैं।
जिलें के छह वितरण खंडों में कुल 6.90 लाख उपभोक्ता है। इनको विद्युत आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षमता के 40 हजार से अधिक ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। इस समय भीषण गर्मी से पूरा जिला तप रहा है। इसका असर ट्रांसफाॅर्मरों पर भी पड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 46.1 तो न्यूनतम तापमान 33.6 रिकार्ड किया गया। पॉवर हाउस पर लगे पांच और 10 एमबीए के ट्रांसफाॅर्मर गर्म होकर ट्रिप कर जा रहे थे। इनको ठंडा करने के लिए ओवरलोड पॉवर हाउस पर पहले ही निगम कूलर लगवा चुका है। लेकिन गांवों में ओवरलोड से फुंक रहे ट्रांसफाॅर्मरों को बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। एक सप्ताह पूर्व प्रतिदिन औसतन पांच से दस ट्रांसफाॅर्मर फुंक रहे थे। लेकिन इधर प्रतिदिन औसतन 30 ट्रांसफाॅर्मर फ़ुंक रहे हैं। यही कारण है कि विभाग के वर्कशॉप में तैयार ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या कम हो गई है। विभ्रिन्न क्षमता के तैयार लगभग 70 ट्रांसफाॅर्मर ही वर्कशॉप में बचे हैं। जितने फुंक रहे हैं, उतने वर्कशॉप में तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
12 वाहनों से चलाया जा रहा काम
जिले में औसतन 30 ट्रांसफाॅर्मरों के फुंकने की शिकायत वर्कशॉप में आ रही है। लेकिन इसको बदलने के लिए निगम के पास मात्र 12 वाहन हैं। शहर क्षेत्र के ट्रांसफाॅर्मर तो समय से बदल दिए जा रहे हैं लेकिन सुदूर के ट्रांसफाॅर्मरों को बदलने में पांच से सात दिन लग जा रहे हैं। जबकि शासन का दो दिन के भीतर ट्रांसफाॅर्मर बदलने का निर्देश है। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिना बिजली के कई रात गुजारनी पड़ रही है। संवाद
16 घंटे बिना बिजली की रही हजारों की आबादी
केबल में फाॅल्ट होने से पुरानी सब्जी मंडी सहित आसपास के इलाकों में 18 घंटे बिजली गायब रही। गर्मी में बिना बिजली के लोग तिलमिला गए। पुरानी सब्जी मंडी का क्षेत्र उपखंड अधिकारी द्वितीय के क्षेत्र में आता है। क्षेत्र में हमेशा बिजली की समस्या बनी रहती है। बुधवार की रात करीब नौ बजे केबल जल गया। इससे पूरे मुहल्ले की बिजली गायब हो गई। लोगों ने समझा कि कुछ देर के बाद विभाग इसे सही कर देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस भीषण गर्मी में बिजली न रहने के कारण लोगों ने जागकर रात गुजारी। सुबह भी केबल न बदले जाने से लोग पीने के पानी के लिए तरस गए। पानी खत्म होने से कई लोग बिना स्नान किए ही ड्यूटी पर गए। उधर बृहस्पतिवार को करीब दो बजे जब बिजली बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद
पांच घंटे ही मिल पा रही बिजली
फरिहा। क्षेत्र के रोवां, बघौरा इनामपुर, सुराई, असीलपुर, चकिया, हुसैनाबाद, फरिहा, बड़ागांव आदि गांवों को बिजली सप्लाई मोहम्मदपुर उपकेंद्र से होती है। बृहंस्पतिवार को सुबह से क्षेत्र में चार से पांच घंटे ही बिजली की सप्लाई की हुई। दिन में हर दो- दो मिनट पर बिजली कट जा रही थी। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से सभी लोग परेशान हैं। इस संबंध में मोहम्मदपुर उपखंड के जेई संदीप कुमार ने बताया कि ओवरलोड के चलते बिजली की कटौती हो रही है। प्रयास किया जा रहा है की कटौती में सुधार हो।
इधर ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन औसतन 30 ट्रांसफाॅर्मरों के फुंकने की शिकायत आ रही है। फुंके ट्रांसफाॅर्मरों को बदलने केे लिए 12 वाहन लगाए गए हैं। फुंके ट्रांसफाॅर्मरों को समय से बदलने का पूरा प्रयास रहता है। वर्कशाप में रोज करीब 25 ट्रांसफार्मर तैयार किए जा रहे हैं।