आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के नरौली के पास बुधवार की दोपहर बाद जीएसटी टीम प्रताप इंटरप्राइजेज कंपनी में सर्वे किया। शुरुआती जांच में 15 लाख रुपये कर बकाया मिलने पर जमा कराया। टीम ने इसके अतिरिक्त 17 से 18 लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई है।
जीएसटी के अधिकारियों की एक टीम ने बुधवार की दोपहर बाद प्रताप एंटरप्राइजेज प्रतिष्ठान पर पहुंची। इस कंपनी का मालिक कोल्ड ड्रिंक, फ्रूट जूस, एनर्जी ड्रिंक और मिनरल वाटर जैसे उत्पादों का प्रमुख स्टॉकिस्ट है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व डीसी एसआईबी राजनाथ तिवारी कर रहे थे। उनके साथ डिप्टी कमिश्नर विजय कुमार और राज्य कर अधिकारी श्रीराम सुरेश समेत अन्य अधिकारी भी थे। अधिकारियों ने वहां मौजूद स्टॉक की जांच की। गोदाम के भीतर रखे सामान की संख्या, गुणवत्ता और लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की जांच में अधिकारियों को अनियमितताएं मिलीं।
इस दौरान प्रतिष्ठान की बिक्री रसीद और लेन-देन के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि गोदाम में पाए गए स्टॉक और प्रस्तुत दस्तावेजों में अंतर था। कर बकाया और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल 15 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया, जिसका प्रतिष्ठान के मालिकों ने तत्काल पालन किया।
डीसी एसआईबी राजनाथ तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में 15 लाख रुपये का कर बकाया मिला, जो तुरंत जमा कराया गया। इसके अलावा, अन्य गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है, जिससे 17 से 18 लाख रुपये के अतिरिक्त अर्थदंड लगने की संभावना है। जांच की प्रक्रिया अब भी जारी है। प्रतिष्ठान को सभी वित्तीय दस्तावेज़ों के साथ जीएसटी कार्यालय में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।