बाढ़ की समस्याओं से जूझ रहे सगड़ी क्षेत्र के देवारा (घाघरा का तटवर्ती क्षेत्र) में शनिवार को पहुंचे जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि कटान पीड़ितों को जल्द ही जमीन और मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने सोमवार को कैंप लगाकर पीड़ितों में दवा बांटने और पीड़ितों को हैंडपाइप और राशन कार्ड मुहैया कराने का भरोसा दिया। घाघरा का जलस्तर घटा है लेकिन मुराली का पुरा में कटान जारी है।
गुरुवार को एडीएम प्रशासन और शुक्रवार को एडीएम वित्त और शनिवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई खुद कटान का जायजा लिया। वह ग्रामीणों का दर्द सुनने के लिए कटान प्रभावित क्षेत्र मुराली का पुरा का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबसे पहले देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरा में घाघरा से हो रही कटान का निरीक्षण किया।
इसके बाद पुरवे के ही राधेश्याम के दरवाजे पर क्षेत्रीय विधायक अभय नरायन पटेल के साथ चौपाल लगाई। इस दौरान ग्राम प्रधान इनरावती पत्नी पल्टन ने जिलाधिकारी को बताया कि गांव के हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जलनिगम को हैंडपंपों की जांच कराकर उन्हें रिबोर कराने का निर्देश दिया। गांव के राधेश्याम ने कहा कि खेती के लिए बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर ऋण लिया था जिसे जमा नहीं कर पाया और जमीन भी घाघरा में विलीन हो गई। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से राशन कार्ड, स्वास्थ्य सेवा, विधवा, वृद्घा, विकलांग आदि के न मिलने की शिकायत की।
इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि गांव में तीन दिन सोमवार से कैंप करें और सभी की जांचकर दवा का वितरण करें। एसडीएम सगड़ी सीपी सरोज से कहा कि बंधे के उत्तर के विस्थापितों को जमीन मुहैया कराएं। एसडीएम ने बताया कि अराजी देवारा नैनीजोर में जमीन सुरक्षित कर ली गई है जल्द ही आवंटन कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कटान प्रभावित जमीन का सर्वे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया ताकि कटान पीड़ितों को मुआवजा दिया जा सके।
उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि देवारा खास राजा के सभी पात्र व्यक्तियों को वृद्घा, विकलांग और विधवा पेंशन दिया जाए। राशन कार्ड के लिए जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी गौरीशंकर शुक्ला को कैंप लगाकर राशन कार्ड वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुराली का पुरवा के विस्थापितों से कहा कि अगर आपने जमीन का बीमा कराया होता तो एक हेक्टेअर कटने पर मआवजे में 65 हजार रुपये मिलते।
उन्होंने सभी को बीमा कराने की सलाह दी। चारों तरफ से घिरे चक्की गांव में हैंडपंप के गंदे पानी देने की शिकायत पर जल निगम के जेई को ठीक कराने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों ने नि:शुल्क कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात कही। मौके पर पूर्ति निरीक्षक जयप्रकाश पांडेय, तहसीलदार सगड़ी शिवधर चौरसिया आदि उपस्थित थे।