मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रस्तावित ‘तमसा गार्डेन एन्क्लेव’ के लिए कोटिला में जमीन खरीद को लेकर मंडलायुक्त विवेक ने अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भूमि क्रय में सरकारी जमीन का भुगतान किसी भी व्यक्ति को नहीं होना चाहिए। यदि सरकारी जमीन के एवज में भुगतान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की तय होगी। मंडलायुक्त ने इस मामले में एसडीएम की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही एसडीएम और तहसीलदार से प्रमाणपत्र लेने के निर्देश दिए।
बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय सभागार में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक हुई। इसमें आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए सदर तहसील के राजस्व ग्राम कोटिला में चिह्नित भूमि को आपसी समझौते के आधार पर खरीदने का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंडलायुक्त ने सरकारी भूमि को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी सड़कों का हर महीने नियमित निरीक्षण किया जाए और अतिक्रमण मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने विकास प्राधिकरण के अवर अभियंताओं को शासनादेशों का अध्ययन कर उसी के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी अवैध निर्माण को रोकने के बाद यदि दोबारा निर्माण कराया जाता है तो संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इस मौके पर अपर आयुक्त-प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय, मुख्य राजस्व अधिकारी एवं विकास प्राधिकरण के सचिव संजीव ओझा, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग महाबीर सिंह समेत बोर्ड के मनोनीत सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।