निजी विद्यालयों में ली जा रही मनमानी फीस वसूली के खिलाफ प्रशासन की ओर से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रबंधकों और उप्र अभिभावक महासंघ की बैठक बुलाई गई। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मौजूद संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने बताया कि अभी शासन की ओर से गाइड लाइन जल्द ही आने की संभावना है। जैसे ही गाइड लाइन आएगी, उसी हिसाब से विद्यालयों को निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद अभिभावक महासंघ ने एक हफ्ते में कार्रवाई की मोहलत देते हुए 10 दिनों से जारी धरने को स्थगित कर दिया।
प्रदेश सरकार के निर्देश और अभिभावकों के धरने को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार केे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दोनों पक्षों की बैठक बुलाई। स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि अन्य जगहों पर यहां से ज्यादा फीस है। इस फीस से हम बच्चों के लिए पानी, बिजली, शिक्षकों आदि की व्यवस्था करते हैं। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी बहस हुई।
बहस के बाद बैठक में मौजूद संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों की फीस के संबंध में कोई गाइड लाइन उपलब्ध नहीं है लेकिन वर्तमान में प्रदेश सरकार इस पर सख्त हुई है लेकिन कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। गाइड लाइन हमें मिल जाएगी। इसे स्कूलों को जारी कर दिया जाएगा और निजी विद्यालयों को इसे लागू करना होगा।
प्रशासन के अनुरोध पर अभिभावक संघ ने एक हफ्ते की मोहलत देते हुए धरने को स्थगित कर दिया। मौके पर अभिभावक महासंघ के युधिष्ठिर दुबे, गोविंद दुबे, विश्वजीत सिंह पालीवाल, राधा मोहन गोयल, रामजनम सिंह, पंकज सिंह आदि मौजूद थे।