ग्रेड और स्टार से होगी क्षमता की पहचान
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। स्काई (तीन स्टार) सर्वोच्च श्रेणी होगी, इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। माउंटेन (दो स्टार) श्रेणी उन विद्यार्थियों की होगी, जिनकी सीखने की प्रक्रिया मजबूत है। वे लगातार प्रगति कर रहे हैं। वहीं, स्ट्रीम (एक स्टार) श्रेणी में ऐसे विद्यार्थी होंगे, जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता होगी।
अंकों के आधार पर मिलेगा ग्रेड
सहायक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट कार्ड में सीधे अंक प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे, लेकिन प्राप्त अंकों के आधार पर ग्रेड निर्धारित होंगे। रिपोर्ट कार्ड में प्रथम सत्र, अर्द्धवार्षिक, द्वितीय सत्र और वार्षिक परीक्षा के ग्रेड भी दर्ज होंगे। इससे पूरे शैक्षिक वर्ष के दौरान विद्यार्थी की प्रगति का समग्र मूल्यांकन किया जा सकेगा।
इस तरह मिलेगा ग्रेड
91 से 100 प्रतिशत अंक पर ए-1
81 से 90 प्रतिशत पर ए-2
71 से 80 प्रतिशत पर बी-1
61 से 70 प्रतिशत पर बी-2
51 से 60 प्रतिशत पर सी-1
41 से 50 प्रतिशत पर सी-2
33 से 40 प्रतिशत पर डी-1
32 प्रतिशत या उससे कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को डी-2 ग्रेड दिया जाएगा