अब जिले के पंजीकृत ऑटो चालक वर्दी और बैज में दिखेंगे। बैज पर चालक का नाम भी लिखा होगा। एसपी के इस निर्णय के अनुपालन की जिम्मेदारी मंगलवार को एसपी ट्रैफिक को सौंपी गई। साथ ही आॅटो यूनियन के अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक से भी सहयोग मांगा गया है।
इस आदेश के अनुपालन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके पीछे टैक्सी स्टैंडों पर गैर पंजीकृत ऑटो पर प्रतिबंध लगाना है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार में भी कमी आएगी। संबंधित चालक की पहचान हो सकेगी।
जिले में इन दिनों आटो चालकों की मनमानी बढ़ गई है। खासतौर से रात के समय इनका आतंक कुछ ज्यादा ही रहता है। मानक से अधिक यात्रियों को बैठाते हैं, साथ ही रास्ते में किराया भी अधिक वसूलते हैं। दिन में आॅटो पंजीकृत चालक चलाता है लेकिन रात में अप्रशिक्षित लड़कों को थमा देते हैं।
इनमें से कइयों की सांठगांठ अपराधियों से भी है। कभी कभी यात्रियों के साथ जहरखुरानी की घटना सामने आई है। कई बार छेड़खानी की घटनाएं भी सामने आईं हैं। बावजूद आरोपी चालकों की पहचान नहीं हो पाई। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए एसपी दयानंद मिश्रा ने मंगलवार को निर्देश जारी किया कि सभी चालक नियम के तहत सवारी बैठाकर चलेंगे। परमिट के हिसाब से इनकी जो भी वर्दी निर्धारित होगी, जरूर पहनेंगे। वर्दी पर इनका नाम भी लिखा होगा।