आजमगढ़। कोरोना काल में पॉजिटिव (ए सिंटोमैटिक) मिलने वाले मरीजों को रखने के लिए लेवल-वन अस्पताल बनाए गए थे। जिले में आधा दर्जन ऐसे अस्पताल स्थापित हुए थे। अब एक तो होम आईसोलेशन की अनुमति हो चुकी है तो वहीं मरीजों की संख्या भी इक्का-दुक्का ही रह गई है। जिसे देखते हुए सरकार ने लेवल वन व लेवल टू कोविड अस्पतालों को बंद कर वहां सामान्य ओपीडी संचालित करने का निर्देश दिया है। जिले में अब मात्र राजकीय मेडिकल कालेज में ही कोविड अस्पताल का संचालन होगा।
वर्ष 2020 के मार्च से लेकर अगस्त तक कोरोना संक्रमण अपने चरम पर था। लगातार मरीज मिल रहे थे। जिस समय प्रवासी मजदूरों की घर वापसी शुरू हुई थी, उस समय तो संक्रमण का तेज फैलाव भी हुआ था। जिसे देखते हुए सरकार के निर्देश पर तबाड़तोड़ कवायद कर स्वास्थ्य महकमे ने आधा दर्जन भर कोविड लेवल-वन अस्पताल जिले में स्थापित किए। जिसमें महामृत्युंजय डेंटल कालेज, श्री दुर्गा जी इंटर कालेज सेहदा, आजमगढ़ पब्लिक स्कूल चेकपोस्ट के साथ ही कई अन्य विद्यालय भी शामिल थे। जिले में मुख्य रुप से महा मृत्युंजय डेंटल कालेज का ही प्रयोग हुआ। अन्य एल-वन अस्पतालों पर इक्का-दुक्का मरीज ही पहुंचे। इसके अलावा एल-2 के रुप में 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया व एल-3 के रुप में राजकीय मेडिकल कालेज में व्यवस्था की गई। सरकार ने जब ए सिंटोमैटिक मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की अनुमति दे दिया तो एल-वन का दायरा अपने-आप सिमटने लगा। वर्तमान में जिले में इक्का-दुक्का ही नए मरीज मिल रहे है तो वहीं एक्टिव केस भी घटते जा रहे है। जिसे देखते हुए शासन ने कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को समेटने का निर्देश दे दिया है। शासन के निर्देश के क्रम में अब जिले में मात्र राजकीय मेडिकल कालेज पर ही कोविड अस्पताल का संचालन होगा।