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83 स्कूलों को नोटिस, शिक्षकों के नियुक्ति अभिलेख तलब

Thu, 15 Feb 2018 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /आजमगढ़
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Teachers
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संदीप सौरभ सिंह
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विभाग में लगभग 100 शिक्षकों की नियुक्तियां संदेह के घेरे में होने का मद्दा उछलने के बाद समाज कल्याण अधिकारी ने विभाग से संचालित 83 अनुदानित विद्यालयों को प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के सत्यापन के लिए नोटिस जारी की है।

सभी के नियुक्ति संबंधी अभिलेख तलब किए गए हैं। साथ ही विद्यालय के अनुदान और रीन्यूवल संबंधी दस्तावेज भी तलब किए गए हैं। विभाग की ओर से फर्जी शिक्षकों के कार्यरत होने की शिकायतों के बीच ये नोटिस जारी करने की बात कही जा रही है।
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समाज कल्याण विभाग में जनपद में 83 अनुदानित विद्यालय संचालित हो रहे हैैं। इन स्कूलों में तैनात पांच सौ शिक्षकों में लगभग 100 शिक्षकों की नियुक्तियों के संबंध में हमेशा आरोप लगते रहते हैं, लेकिन आज तक इसकी सही प्रकार से जांच नहीं कराई गई। 

शिकायत होने पर इनका वेतन रोक दिया जाता है। बाद में फिर जारी कर दिया जाता है। इन शिक्षकों के फर्जी होने का मामला जिलाधिकारी तक पहुंच चुका है। फिर भी अभी तक किसी समक्ष अधिकारी से इसकी जांच नहीं कराई गई।

26 जनवरी के अंक में अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था। अब विभाग की ओर से 83 अनुदानित विद्यालयों को नोटिस भेजी गई है। इसमें विद्यालय के रिजस्ट्रेशन, मान्यता अनुदान और रीन्यूवल संबंधी दस्तावेज तलब किए गए हैं। इसके अलावा विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों के नियुक्ति संबंधी और समस्त शैक्षिक अभिलेख भी मांगे गए हैं।

शिक्षक लगा रहे विभाग पर आरोप
आजमगढ़। हालांकि विभाग की ओर से फर्जी शिक्षकों के कार्य करने के लग रहे आरोप के मद्देनजर ये नोटिस जारी करने की बात कही ज रही है, लेकिन शिक्षक विभाग पर दूसरा ही आरोप लगा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ शिक्षकों ने बताया कि हमें परेशान करने के लिए नोटिस जारी की जा रही है। पांच बार पहले भी विभाग सत्यापन करा चुका है। अब फिर वसूली की तैयारी हो रही है। कुछ शिक्षकों का तो कहना था कि शिक्षकों की याचिका पर ही समाज कल्याण अधिकारी का निलंबन हुआ था। अब इसकी खीज निकाली जा रही है।

सत्यापन कर मामला दबाने की तैयारी
आजमगढ़। संदेह के घेरे में 100 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र और प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र अंगुली उठती रहती है। जांच में कई प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र फर्जी पाए भी जा चुके हैं। इसके बाद भी संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई न करने से ये शिक्षक कोर्ट से राहत पा जाते हैं। पिछले दिनों कमिश्नर के यहां हुई शिकायत में एक प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र के एडी बेसिक कार्यालय में कोई रिकार्ड नहीं मिला था।

इस अधार पर चार शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया था। कमिश्नर के आदेश के बाद भी विभाग इस प्रमाण-पत्र को फर्जी कहने को तैयार नहीं है। ले देकर मामला लटका हुआ है। अभी एक अन्य शिकायत की जांच में एक ऐसा शिक्षक पकड़ा गया है जिसकी डीपीएड की मार्कशीट फर्जी निकली है। इतने मामले सामने आने के बाद भी प्रकरण की सक्षम अधिकारी से जांच नहीं कराई जा रही है। सत्यापन के नाम पर फिर खेल की तैयारी है।
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विभाग से संचालित 83 विद्यालयों और उसमें कार्यरत सभी शिक्षकों के दस्तावेज तलब किए गए हैं। इससे उनका एक बार फिर सत्यापन किया जाएगा। ये रूटीन की प्रक्रिया है।
राजीव रत्न सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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