आजमगढ़। ग्राम प्रधानों के खिलाफ आई शिकायतों की जांच के लिए नियुक्त अधिकारियों द्वारा जांच आख्या उपलब्ध न कराने पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने डीएम से कार्रवाई की संस्तुति की थी। उनकी इस संस्तुति पर डीएम ने 11 जिला स्तरीय जांच अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए। 25 जनवरी तक स्पष्ट स्पष्टीकरण न उपलब्ध कराने पर सभी को प्रतिकूल प्रविष्टी देने का निर्देश दिया।
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में ग्राम प्रधानों द्वारा की जाने वाली धांधली की शिकायत अक्सर की जाती है। इन शिकायतों की जांच के लिए अधिकारी तैनात किए गए हैं। लेकिन इन अधिकारियों द्वारा जांच में लापरवाही बरती जाती है। जिसके कारण शिकायतकर्ता बार5बार अधिकारियों के यहां चक्कर काटते रहते हैं। इस संबंध में तीन जनवरी को जनपद के समस्त नोडल अधिकारियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें डीएम ने समस्त अधिकारियों को 16 जनवरी तक समस्त जांच पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया था। 17 जनवरी को सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला द्वारा विकास भवन सभागार में नोडल अधिकारियों के साथ इस संबंध में समीक्षा बैठक की गई। जिसमें उन्होंने पाया कि 11 नोडल अधिकारियों द्वारा जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई हे। इस पर सीडीओ ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की संस्तुति डीएम से की। सीडीओ की संस्तुति पर डीएम एनपी सिंह ने सभी 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि वह 25 जनवरी तक सीडीओ के समक्ष स्पष्ट स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें अन्यथा उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टी दी जाएगी।
इन अधिकारियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
आजमगढ़। जिन 11 अधिकरियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है उसमें जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, एआर कोआपरेटिव और अधिशासी अभियंता जलनिगम शामिल हैं।