आजमगढ़। 22.64 करोड़ रुपये बकाये की वसूली के लिए जिले के 2200 से अधिक किसानों पर सहकारिता विभाग ने नोटिस जारी किया है।
बकाया न जमा करने वाले किसानों से अब पांच प्रतिशत संग्रह शुल्क के साथ ऋण वसूला जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से नोटिस भी जारी कर दिया गया है। किसानों को खेती में सहूलियत मिल सके, साथ ही खेती की उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी हो सके। इसके लिए सहकारिता विभाग की ओर से सहकारी समितियों के माध्यम से जोत व फसल के आधार पर ऋण दिया जाता है। जिले में 250 समितियां हैं। जोत और फसल के आधार पर किसानों को 34.5 करोड़ ऋण दिया गया था। इसमें कुछ किसान तो नियमित ऋण जमा कर रहे हैं लेकिन बहुत से किसान ऋण जमा नहीं कर रहे हैं। विभाग के बार-बार सूचना देने के बाद भी बकाएदार ऋण जमा करने में रुचि नहीं ले रहे। 2200 से अधिक किसानों पर 22.64 करोड़ रुपये बकाया है। विभाग की तरफ से बकायेदारों को चिह्नित कर किया गया है। इनसे अब 92 क और 92 ख के तहत पांच प्रतिशत संग्रह शुल्क के साथ ऋण वसूला जाएगा।
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2000 बकायेदारों से 92क के तहत होगी वसूली
जनपद में 2000 बकायेदारों से 92क के तहत 15 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली सहकारिता विभाग करेगा। इसके लिए विभाग की तरफ से नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड (एलडीबी) से 7.22 करोड़ रुपये जबकि जिला सहकारी बैंक लिमिटेड (डीसीबी) से 8.11 करोड़ ऋण बकायेदारों ने लिया है। संवाद
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212 बकायेदारों की होगी कुर्की
विभाग ने 212 ऐसे बकायेदारों की पहचान की है। जिन्होंने बार- बार सूचना देने और नोटिस जारी होने के बाद भी ऋण जमा नहीं किया। इन बकायेदारों पर 7.33 करोड़ रुपया बकाया है। तहसील प्रशासन की मदद से सहकारिता विभाग इन बकाएदारों के खिलाफ कुर्की और संपत्ति नीलामी की कार्रवाई करेगा।
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जोत व फसल के अधार पर ऋण दिया गया था। ऋण जमा न करने वाले बकायेदारों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 212 बकायेदारों पर तहसील की मदद से कुर्की और संपत्ति नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। पांच प्रतिशत संग्रह शुल्क भी वसूला जाएगा।
- अजय कुमार, एआर सहकारिता।