आजमगढ़। जिले की सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले पांच साल में दो लाख 84 हजार से ज्यादा नए वाहन परिवहन विभाग के कार्यालय में पंजीकृत हुए हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद भी कहीं पार्किंग की सुविधा विकसित नहीं की गई। वहीं, छह महीने में नो पार्किंग में 9289 वाहनों का चालान किया गया।
नगर पालिका में कहीं भी कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां वाहनों की सार्वजनिक पार्किंग की जा सके। दुकानों के सामने और सड़क की पटरियों पर वाहन खड़े हो रहे हैं। इसके चलते बाजारों में हर वक्त जाम लग रहा है। हाईवे के किनारे वाहन खड़े किए जाने से हादसे भी हो रहे हैं। खरीदारी के लिए दो पहिया, चार पहिया वाहनों से आने वाले ग्राहकों को वाहन खड़ी करने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। नगर पालिका क्षेत्र आजमगढ़ में सड़क की पटरियों पर ही वाहन खड़े होते हैं। दीवानी कचहरी से लगायत सिविल लाइन व पटरियों पर अवैध पार्किंग से सिकुड़ी रहती हैं। मुख्य चौक से मातबरगंज मोड़ तक भी सड़क के दोनों तरफ दुकानों के सामने वाहन खड़े रहते हैं। पार्किंग के लिए कोई स्थान निर्धारित नहीं होने के कारण लोग जहां-तहां अपने वाहन खड़े कर देते हैं। बाद में यातायात पुलिस उनका नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने की दलील देकर चालान भी काट देती है।
अवैध पार्किंग से शहर में लग रहा जाम
अवैध पार्किंग शहर में जाम का भी कारण बन रहा है। वहीं शहर से बाहर हाईवे पर रानी की सराय, सैयदवारा, शंकरपुर चेक पोस्ट सहित आदि क्षेत्र में बड़े वाहनों को मनमाने ढंग से सड़क किनारे खड़ा कर दिया जाता है। यह वाहन कई बार हादसे का कारण बनते हैं। कुछ ऐसी ही दशा जिले के अन्य क्षेत्रों की है। कहीं भी सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा न होने से वाहन स्वामियों को दिक्कतें होती हैं। आम राहगीर भी परेशान होते हैं।
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पार्किंग नहीं तो सड़क की पटरी पर खड़े करते हैं वाहन
जिले में हर स्थान पर कहीं भी पार्किंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में ग्राहक सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर चले जाते हैं। इससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। बड़ादेव से लगायत अन्य स्थानों पर प्रतिदिन हजारों लोग थोक व फुटकर खरीदारी के लिए आते हैं। ज्यादातर दुकान एवं प्रतिष्ठानों के आगे दो पहिया वाहन खड़ी करने की भी जगह नहीं है। यहां तक की बैंकों ने भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की है। आड़े तिरछे खड़े वाहनों के कारण बाजार में आए दिन जाम लग जाता है।
पार्किंग के लिए बनाया बेसमेंट, चल रहीं दुकानें
जिम्मेदारों की उदासीनता का हाल यह है कि वह सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा तो नहीं दे पा रहे, लेकिन जहां निजी रूप से पार्किंग के लिए जगह छोड़ी गई है, वहां भी वाहनों को नहीं खड़ा करा पा रहे। नगर पालिका क्षेत्र में संचालित कई शॉपिंग मार्ट, बहुमंजिली इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बेसमेंट का निर्माण वाहनों की पार्किंग के लिए ही कराया गया था। इसी आधार पर उनके मानचित्र भी स्वीकृत हुए हैं, मगर ज्यादातर जगहों पर बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं। कुछ जगहों पर बेसमेंट का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है। इससे वहां खरीदारी को आने वाले ग्राहक भी सड़क पर ही वाहन खड़ा करते हैं।