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नॉन कोविड मरीजों की बढ़ी परेशानी, नहीं मिल रही इलाज की सुविधा

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण काल में श्वांस रोग का संक्रमण भी तेजी से बढ़ गया है। एक सरकारी समेत दो प्राइवेट अस्पताल सांस के रोगियों के लिए चिह्नित हैं लेकिन तीनों में बेड फुल हो चुके हैं। ऑक्सीजन व बेड के अभाव में अब मरीज दम तोड़ रहे हैं और स्वास्थ्य महकमा मौन है।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई है। सिर्फ इमरजेंसी के माध्यम से अस्पताल में मरीज भर्ती किए जा रहे है। कोविड के अलावा नॉन कोविड मरीजों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। इन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते मौत का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन इन मौतों का कोई रिकार्ड स्वास्थ्य महकमा नहीं रख रहा है। नॉन कोविड में सर्वाधिक परेशान श्वांस रोगी है। सांस के रोगियों के लिए जिला अस्पताल के अलावा श्री साई व सहज अस्पताल को चिन्हित किया गया है।
तीनों अस्पताल वर्तमान में मरीजों से फुल है। वहीं प्रतिदिन 30 से 40 नए मरीज पहुंच रहे है। ऐसे में अस्पतालों पर बेड व आक्सीजन की किल्लत हो रही है। जिसके चलते मरीज अस्पतालों के गेट पर ही बेहोश तक हो जा रहे है। इलाज के अभाव में मरीजों की मौत भी हो रही है। सिर्फ जिला अस्पताल प्रशासन की माने तो 10 से 12 मौत यहां प्रतिदिन हो रही है। स्वास्थ्य महकमा इन नॉन कोविड इन मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहा है और मूकदर्शक बना हुआ है। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि कोरोना के मरीजों के साथ ही श्वांस रोगियों की संख्या में भी तेज बढ़ोत्तरी हुई है। श्वास रोगियों के लिए कम से कम 100 बेड की और आवश्यकता है। जिसकी व्यवस्था मे महकमा जुटा हुआ है। बिजरवां स्थित शिवालिक अस्पताल को भी नॉन कोविड (श्वांस रोगियों) मरीजों के लिए अधिग्रहित करने की योजना बनी है। प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही शिवालिक को भी अधिग्रहित कर वहां नॉन कोविड मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा।
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