फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार माह बाद भी निजी आईटीआई प्रबंधक पर एफआईआर नहीं करा सके नोडल अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। फर्जी बैंक गारंटी जमा करने पर जिले के 16 निजी आईटीआई कॉलेज के प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश हुआ है। निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन उत्तर प्रदेश नीरज कुमार ने यहां के नोडल अधिकारी व प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को पत्र जारी कर प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। चार माह से अधिक का समय बीत गया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंक गारंटी के नाम पर हुए इस खेल में नियमों को ताक पर रखकर मान्यता दी गई है। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर प्रदेश के 59 संस्थानों की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसके बाद मामले की जांच हुई। पहले चरण में 213 संस्थानों की जांच की गई तो 61 में गड़बड़ी सामने आई है। इसमें आजमगढ़ के 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी बैंक गारंटी जमा की है। दरअसल निजी संस्थानों को 20 छात्रों की एक यूनिट पर 50 हजार रुपये की बैंक गारंटी देनी होती है। ट्रेड वार विद्यार्थियों की संख्या घटती बढ़ती है। एक संस्थान दो ट्रेड में कम से चार यूनिट की मान्यता लेता है। उसे दो लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी पड़ती है और बैंक से जारी प्रमाणपत्र जमा करना पड़ता है। अब गड़बड़ी मिलने पर बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हमारे स्तर से संबंधित थानों में तहरीर दी गई थी। थानाध्यक्षों ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। जिसके कारण अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज हो सकी। इधर कोरोना काल के कारण कार्रवाई भी ठप चल रही है। शासन स्तर से भी कार्रवाई चल रही है।-अशोक कुशवाहा, नोडल प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें