शहर सिविल लाइन क्षेत्र में घने कोहरे के बीच कोचिंग जाती छात्राएं।
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आजमगढ़। जिला अब भी शीतलहर की चपेट में है। सुबह जहां घने कोहरे की चादर में देखने को मिल रही है तो वहीं शाम होते ही गलन चरम पर पहुंच जा रही है। वहीं प्रशासनिक अमले द्वारा अलाव की व्यवस्था आठ-दस दिन बाद ही ठप कर दिये जाने से राहगीरों व रिक्शावानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंगलवार की सुबह भी घने कोहरे के बीच हुई। 9 बजे तक तो सड़कों पर स्थिति यह थी कि 25 मीटर दूरी पर ही कुछ दिखायी नहीं दे रहा था। दोपहर के बाद कोहरा कुछ साफ हुआ और आसमान की ओट से सूर्य देवता का हल्का दीदार हुआ। सूर्य की रोशनी में कोई खास दम तो नजर नहीं आया लेकिन सुबह में जो गलन की स्थिति थी उससे तो लोगों को कुछ राहत जरूर महसूस हुई। शहर के चार बजते-बजते ही सूर्य देवता पुन: बादलों की ओट में चले गये और एक बार फिर गलन शुरू हो गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम 8 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री था, जिसमें दो डिग्री की गिरावट मंगलवार को दर्ज की गई। शाम होते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हुए। वहीं राहगीर व रिक्शावान अलाव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आये। प्रशासनिक अमले द्वारा आठ-10 दिन ही अलाव जलाने के बाद कटौती कर दी गई है। शहर में नपा प्रशासन आज भी 80 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने का दावा कर रहा है लेकिन वास्तव में 10 से 15 स्थानों पर ही अलाव की व्यवस्था नजर आ रही है।
कप्तानगंज। हाड़ कंपाती ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। चट्टी चौराहों पर अलाव की व्यवस्था न होने से राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में भले ही अलाव की व्यवस्था हो लेकिन ग्रामीणांचल में तो लोग अपनी व्यवस्था से ही अलाव जला रहे है। कप्तानगंज बाजार के अलावा आसपास के बाजारों में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने पासीपुर तिराहा, बालवरगंज बाजार, कप्तानगंज चौक, महराजगंज रोड टैक्सी स्टैंड, अहरौला रोड, मंदुरी तिराहा आदि पर अलाव की व्यवस्था किये जाने की मांग किया है।