आजमगढ़। नगर क्षेत्र में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण लोगों को खरीदारी के लिए अपने वाहन को रोड पर ही खड़ा करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि हम भी नहीं चाहते कि सड़कों के किनारे अपने वाहन को खड़ा करें लेकिन पार्किंग न होने के कारण सड़कों के किनारे हमें अपनी गाड़ी पार्क करनी पड़ती है। अगर पार्किंग की व्यवस्था होती तो हम अपना वाहन वहीं खड़ा करते। नगर के मुख्य मार्ग जो सिविल लाइन से निकलकर मातबरगंज, बड़ादेव, चौक, तकिया पहाड़पुर होते हुए हर्रा की चुंगी को जाता है। सबसे ज्यादा इसी मार्ग पर लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण है। एक तो दुकानदारों ने नाली पर पटिया ढ़ालकर कब्जा जमा रखा है दूसरे उनके द्वारा सामान को सड़क पर लगाया जाता है। जिसका परिणाम है कि इन दुकानदारों के पास खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपने वाहन को सड़कों पर खड़ा करते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुराने भवनों को तोड़कर जिन लोगों द्वारा दुकान का निर्माण कराया जा रहा है उनके द्वारा भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा रही है। वहीं जिम्मेदारों ने मौन साध रखा है। बहुत से लोगों ने मानचित्र में पार्किंग तो दर्शाया है लेकिन किराए के लालच में उनके द्वारा पार्किंग स्थल में दुकानें खोल दी गई हैं। नगर क्षेत्र में कई ऐसे शापिंग कांप्लेक्स भी हैं जिनके पास पार्किंग नहीं है। यहां आने वाले ग्राहक अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा करते हैं।
नोटिस जारी कर शांत बैठा एडीए
आजमगढ़। एडीए द्वारा मानचित्र स्वीकृत करने के बाद इन भवनों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। उसके द्वारा शिकायत होने का इंतजार किया जाता है। जब तक शिकायत नहीं मिलती है उसके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। रही बात कार्रवाई की तो उसके द्वारा नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है। जबकि नगर क्षेत्र में कई लोगों ने पार्किंग स्थल को किराए पर उठा रखा है। इस मामले में एडीए सचिव बैजनाथ का कहना है कि हमारी ओर से 50 लोगों की फाइल को निकलवाया गया है। यह वह लोग है जिन्होंने मानचित्र स्वीकृत कराते समय पार्किंग स्थल को दर्शाया था। सभी फाइलों को जेई को सौंपा गया है उनसे रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आते ही ऐसे लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर सील करने की कार्रवाई की जाएगी।