परिवहन विभाग की ओर से सीज किए जाने वाले वाहनों को खड़ा करने के लिए जिले में अब तक कोई निर्धारित डंपिंग ग्राउंड नहीं है। ऐसे में कार्रवाई के बाद सीज वाहनों को थानों के बाहर या आसपास खड़ा करना पड़ता है।
लंबे समय तक वाहनों के खड़े रहने से कई स्थानों पर सड़क किनारे अतिक्रमण जैसी स्थिति बन गई है। इससे हादसे का खतरा भी बना रहता है।वहीं पुलिस की ओर से विभिन्न मामलों में जब्त किए गए वाहनों के कारण भी थानों में जगह का संकट बना हुआ है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण वर्षों से बड़ी संख्या में वाहन थानों में पड़े हैं। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक है। इसके अलावा ट्रक और अन्य चार-पहिया वाहन भी थानों की जगह घेरे हुए हैं।
लंबे समय से खुले में खड़े इन वाहनों पर धूप और बारिश का असर पड़ रहा है। कई वाहन जर्जर होकर कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। पुलिस द्वारा जब्त वाहनों में चोरी के मामलों से जुड़े वाहन, दुर्घटनाओं में जब्त किए गए वाहन और अवैध सामान की तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन भी शामिल हैं।
इनके अलावा परिवहन विभाग की ओर से सीज किए गए वाहन भी कई बार थानों में खड़े किए जाते हैं। थानों में पहले से ही जब्त वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण सीज वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। ऐसे में कई वाहनों को थानों के बाहर या सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है। सड़क किनारे खड़े वाहनों से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
रात में अंधेरे के कारण यह खतरा और बढ़ जाता है। परिवहन विभाग का अपना डंपिंग ग्राउंड होने पर सीज वाहनों को थानों पर रखने की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है। विभाग के अधिकारी भी लंबे समय से इसके लिए स्थान की आवश्यकता जता रहे हैं।
केस एक
अतरौलिया में 108 वाहन, परिसर के अंदर सुरक्षित
अतरौलिया। थाना परिसर में 24 सीज दोपहिया वाहन खड़े हैं, जबकि मुकदमें के वाहनों की संख्या 84 है। यहां थाना परिसर के बाहर वाहन खड़ा नहीं है। सभी वाहनों को थाने की बाउंड्री के अंदर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुलिस के अनुसार, सीज और मुकदमाती वाहनों को परिसर के अंदर ही व्यवस्थित तरीके से रखा गया है, ताकि सड़क और आसपास के सार्वजनिक स्थान पर वाहनों के खड़े होने से आवागमन प्रभावित न हो।
केस दो
सड़क किनारे एक वर्ष साल से खड़ा है ट्रक
अहरौला। थाना गेट के सामने सड़क के किनारे एक वर्ष पूर्व से सीज ट्रक खड़ा है। थाना परिसर में जगह न होने के चलते इसे बाहर खड़ा किया गया था, तब से यह ट्रक बाहर ही खड़ा होकर सड़ रहा है। ट्रक के टायर रिंग पर बैठ चुके हैं। धीरे-धीरे उसकी बॉडी भी सड़ रही है। वहीं सड़क किनारे ट्रक के खड़ा होने से रात में अंधेरे में हादसे का खतरा बना रहता है।
केस तीनहाईवे किनारे पांच साल से खड़ा ट्रक, जिम्मेदार बेखबर
बरदह। थाने की बाउंड्री से सटकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक करीब पांच वर्षों से लावारिस हालत में खड़ा है। लंबे समय से खड़े ट्रक को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा है। थाने के अनुसार, ट्रक आबकारी विभाग का बताया जाता है और काफी समय से यहां खड़ा है। इसे थाने के कर्मचारियों ने नहीं खड़ा कराया है। थाना प्रभारी चंद्रदीप कुमार ने कहा कि ट्रक उनके संज्ञान में नहीं है और इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों ने हाईवे किनारे खड़े ट्रक को हटवाने की मांग की है।
केस चार
गंभीरपुर में सड़क पर रहे 18 सीज वाहन
बिंद्रा बाजार। थाना गंभीरपुर क्षेत्र में निरीक्षण कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग ने 14 वाहनों को सीज किया है। यह वाहन थाने के अंदर और बाहर वर्षों से सड़ रहे हैं। इसकी सुधि किसी को नहीं है। सड़क किनारे जर्जर वाहनों के खड़ा होने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
वर्जन
सीज वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए डंपिंग ग्राउंड की आवश्यकता है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया था, ताकि परिवहन विभाग को स्थान उपलब्ध हो सके और सीज वाहनों को निर्धारित स्थान पर रखा जा सके। इसके लिए जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है। एक बार फिर से रिमाइंडर जारी किया जाएगा।- विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन।
अहरौला थाना गेट के सामने सड़क के किनारे मुकदमे मे सीज किया गया ट्रक। संवाद
अहरौला थाना गेट के सामने सड़क के किनारे मुकदमे मे सीज किया गया ट्रक। संवाद