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मूल्यांकन केंद्रों पर न एक मीटर की दूरी, न पास में नैपकीन

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राजकीय बालिका इंटर कालेज में यूपी बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का मास्क लगा कर मूल्यांकन क? - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा कापियों के मूल्यांकन का कार्य सोमवार को जिले में बने चार केंद्रों पर शुरू हो गया। सभी केंद्रों पर कोरोना से बचाव से संबंधित पोस्टर-बैनर तो लगे थे लेकिन कहीं भी सेनेटाइजर व नैपकीन की व्यवस्था नहीं दिखी। इतना ही नहीं एक मीटर की दूरी पर बैठने के नियम का भी किसी भी केंद्र पर अनुपालन होता नजर नहीं आया।
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कोरोना वायरस के प्रभाव को देेखते हुए बोर्ड ने मूल्यांकन के दौरान विशेष इंतजाम का निर्देश दिया था। लेकिन बोर्ड के विशेष निर्देशों का अनुपालन होता किसी भी मूल्यांकन केंद्र नजर नहीं आया। जिले में मूल्यांकन के लिए चार केंद्र बनाये गये है। इसमें जीजीआईसी व शिब्ली इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर इंटरमीडिएट तो डीएवी व इंटर कालेज सठियांव पर हाईस्कूल के कापियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। दो परीक्षकों के बीच एक मीटर की दूरी माध्यमिक शिक्षा परिषद ने निर्धारित की है, लेकिन किसी भी केंद्र पर इसका अनुपालन होता नजर नहीं आया। हर केंद्रों पर एक ही सीट पर दो से तीन शिक्षक बैठे थे। वहीं बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया था कि सभी मूल्यांकन केंद्रों के प्रत्येक कमरों में सेनेटाइजर, नैपकीन आदि की व्यवस्था की जाए लेकिन किसी भी केंद्र पर यह नहीं दिखा। जरूरी संसाधन न उपलब्ध होने पर परीक्षकों में आक्रोश भी देेखने को मिला। शिक्षक नेता पंकज सिंह ने कहा कि कहीं भी जरूरी इंतजाम नहीं किए गए है। यह अलग बात रही कि मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों ने अपने कक्ष में सेनेटाइजर, साबुन, नैपकीन आदि की व्यवस्था थी।
पहले दिन ड्यूटी कटवाने को लेकर मची दिखी होड़
मूल्यांकन कार्य शुरू होने के पहले दिन परीक्षक ड्यूटी कटवाने की कवायद में जुटे नजर आये। ड्यूटी कटवाने के लिए ऐसे परीक्षकों के साथ कई शिक्षक नेता भी मूल्यांकन केंद्रों में घंटों जमे रहे। वहीं जिसके पास किसी शिक्षक नेता का जुगाड़ नहीं था वह स्वयं अपने-अपने तर्को से मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को संतुष्ट कर ड्यूटी कटवाने की कवायद में जुटा नजर आया।
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मोबाइल संग मूल्यांकन केंद्र पर मौजूद थे परीक्षक
मूल्यांकन कार्य के दौरान किसी भी परीक्षक को मोबाइल लेकर नहीं आना था लेकिन कोई भी परीक्षक इस निर्देश का अनुपालन करता नजर नहीं आया। जीजीआईसी, शिब्ली, डीएवी अथवा इंटर कालेज सठियांव मूल्यांकन केंद्रों पर सभी परीक्षक व डिप्टी हेड मोबाइल से लैस नजर आये।
कुछ ने स्वयं की व्यवस्था से बरती सतर्कता
कोरोना को लेकर सतर्कता को लेकर लगातार दिशा निर्देश जारी हो रहे है। किसी भी मूल्यांकन केंद्र पर निर्देशों का अनुपालन होता तो नहीं नजर आया लेकिन कुछ शिक्षक कोरोना को लेकर सतर्क दिखे और स्वयं की व्यवस्था के तहत मास्क लगा कर मूल्यांकन करने पहुंचे। कुछ परीक्षक तो स्वयं का सेनेटाइजज आदि भी लाये हुए थे। जबकि इसकी व्यवस्था मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों के करने का निर्देश था।
प्रतिदिन जांची जानी है 70 हजार कापियां
जिले में बनाये गये चारों मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग सात लाख कापियों का मूल्यांकन होना। 10 दिन में मूल्यांकन का कार्य समाप्त कराना है। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम 70 हजार कापियों का मूल्यांकन कराना होगा। पहले दिन काफी संख्या में परीक्षक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और जो पहुंचे भी उनमें से ज्यादातर ड्यूटी कटवाने की कवायद में लगे नजर आये। जिसके चलते पहले दिन काफी कम मात्रा में कापियों का मूल्यांकन हो सका।
हर मूल्यांकन केंद्रों पर जागरूकता को लेकर पोस्टर व बैनर लगवाए गए है। इसके साथ ही सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था भी की गई है। पूरा प्रयास है कि परीक्षकों के बैठने की व्यवस्था भी एक मीटर की दूरी पर की जायेगी, आज पहला दिन होने के चलते कुछ दिक्कतें जरूर रही लेकिन अगले दिन से सारी दिक्कतों को दूर करा दिया जायेगा और बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप सारी व्यवस्थाएं केंद्रों पर मुहैया करायी जायेंगी। - डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।
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