Azamgarh News: यूपी के आजमगढ़ जिले में डीएम ने 15 बीएलओ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। ये बीएलओ आयोग के निर्देशों की अवहेलना कर रहे थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 चल रहा है। कार्य में लापरवाही बरतने पर 15 बीएलओ के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई है।
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जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3869 बूथों पर समान संख्या में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तैनात किए गए हैं। सितंबर माह से इस अभियान की तैयारी चल रही थी और सभी बीएलओ को बीएलओ ऐप के माध्यम से मतदाताओं की मैपिंग सहित अन्य तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ और जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के तहत अधिकांश बीएलओ अपने कार्य का निर्वहन कुशलता से कर रहे हैं। लेकिन, 15 बूथ लेवल अधिकारियों ने आयोग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए विशेष पुनरीक्षण कार्य नहीं किया, जिससे निर्वाचक नामावली की शुद्धता प्रभावित हो रही थी।
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इन 15 बीएलओ के खिलाफ संबंधित थानों में एफ आई आर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही, इनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
इन बीएलओ पर हुई कार्रवाई
विधानसभा क्षेत्र 343 अतरौलिया: रतुआपार की नम्रता यादव (ग्राम पंचायत सहायक), लोहरा की शैलजा शुक्ला (ग्राम पंचायत सहायक), महरूपुर की इन्दूबाला शर्मा (आंगनबाड़ी कार्यकत्री), गोपालीपट्टी के दिलीप कुमार (ग्राम पंचायत सहायक), सघनपट्टी की संगीता देवी (आंगनबाड़ी कार्यकत्री), हांसापुर कला की स्नेहलता (ग्राम पंचायत सहायक)।
विधानसभा क्षेत्र 344 गोपालपुर: कन्या क्रमोत्तर विद्यालय बिलरियागंज की रेशमा बानों (आंगनबाड़ी कार्यकत्री)।
विधानसभा क्षेत्र 346 मुबारकपुर: गूजरपार की कुमुदलता सिंह (शिक्षा मित्र)।
विधानसभा क्षेत्र 347 आजमगढ़: आजमपुर की संगीता यादव (आंगनबाड़ी कार्यकत्री), सरायमंदराज के अभिषेक यादव (ग्राम पंचायत सहायक)।
विधानसभा क्षेत्र 350 दीदारगंज: नन्दपुर की इन्द्रावती (शिक्षा मित्र), सिघाड़ की उषा देवी (आंगनबाड़ी कार्यकत्री), देलौरी की पुष्पा (ग्राम पंचायत सहायक)।
विधानसभा क्षेत्र 351 लालगंज: सरायपलटू की कंचन (आंगनबाड़ी कार्यकत्री) और प्रतिभा राय (शिक्षा मित्र)।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग के निर्देशों के अनुसार आगे भी निगरानी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।