आजमगढ़। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित बोर्ड परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी केंद्रों में अलग से चिकित्सा कक्ष बनाए जाने की तैयारी है। शासन स्तर से इस संबंध दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। इसमें सभी केंद्रों में अलग से चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था करने को कहा गया है। केंद्रों में चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था हो जाने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा भी लेंगे।
कोरोना काल में शिक्षण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि संक्रमण कम होने पर अब विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के लिए भी बुलाया जाने लगा है। इस बीच बोर्ड परीक्षा 24 अप्रैल से शुरू किए जाने की घोषणा कर दी गई है। इसको देखते हुए प्रशासन की तरफ से बोर्ड परीक्षा की तैयारी तेज कर दी गई है। केंद्रों के निर्धारण के बाद अब परीक्षार्थियों को कोरोना के संक्रमण से बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी केंद्रों में अलग से चिकित्सा कक्ष खोले जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि अगर कोई विद्यार्थी केंद्र पर पहुंचता है और जांच में सर्दी, जुकाम, खांसी आदि की समस्या सामने आती है तो उसे किसी कक्षा की बजाय चिकित्सा कक्ष में बैठाया जाएगा। इसकी सूचना तत्काल विद्यार्थी के अभिभावक को दी जाएगी। इसके बाद अभिभावक व चिकित्सकों के परामर्श के बाद विद्यार्थी को अस्पताल अथवा घर भेजा जाएगा।
कोविड-19 के मद्देनजर परीक्षार्थियों को सुरक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों पर अलग से चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था करनी होगी। ताकि परीक्षा के दौरान किसी बच्चे को वायरल इंफेक्शन, सर्दी, जुकाम या खांसी आदि की समस्या सामने आती है तो उसे चिकित्सा कक्ष में बैठाया जाएगा। -डॉ. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।