आजमगढ़। बरसात का मौसम शुरू होने में कुछ दिन शेष है। ऐसे में नालों की सफाई में नगरपालिका जुटी हुई है। नपा द्वारा दावा किया जा रहा है कि उसके द्वारा शहर के 52 नालों में 24 की सफाई पूरी कर ली गई है। लेकिन अगर जलभराव वाले क्षेत्र में नालों की स्थिति देखें तो वह खुद सफाई की दास्तां बयां कर रहे हैं।
नगर पालिका द्वारा प्रतिवर्ष बाहर से मजदूरों को बुलाकर नालों की सफाई कराई जाती है ताकि बरसात के मौसम में लोगों को जल-जमाव की समस्या से दो-चार न होना पड़े। इस कार्य पर नगरपालिका द्वारा लाखों रुपये फूंक दिए जाते हैं लेकिन लोगों को जल-जमाव से मुक्ति नहीं मिल पाती है। वर्तमान में भी नगरपालिका द्वारा बाहर से मजदूरों को बुलाकर नालों की सफाई की जा रही है। उसका दावा है कि अब तक 24 नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे नालों की सफाई का कार्य 10 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन अगर शहर के मुख्य नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले नालों की स्थिति देखें तो यह खुद नगर पालिका दावों का मखौल उड़ाते नजर आते हैं। चाहे वह एसकेपी स्कूल के पास की पुलिया हो या सिविल लाइंस क्षेत्र का नाला। यह नाले और पुलिया पूरी तहर से कूड़े से पटे हुए हैं। जिसके कारण हल्की बरसात में लोगों को जल-जमाव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। नपा के सफाइ इस्पेक्टर केके यादव ने बताया कि नगर में स्थित 52 नालों की सफाई का कार्य जोरशोर से जारी है। अब तक हमारे द्वारा 24 नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे नालों की सफाई का कार्य भी 10 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।