जिले में बुधवार को नागपंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाया। इस अवसर पर जगह-जगह पर कबड्डी और कुश्ती प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। शहर और ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने झूलों को लुत्फ उठाया।
नगर के बड़ादेव, रैदोपुर, कालीचौरा, भंवरनाथ, बौरहवा बाबा सहित अन्य शिवमंदिरों पर सुबह से ही लावा चढ़ाने और दूध चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ादेव और रैदोपुर कालीचौरा पर महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई। वहीं पूरे दिन सपरे सांप लेकर नगर क्षेत्र में घूमते रहे। लोगों ने नागों का दर्शन कर दान दिया। वहीं बच्चों के साथ युवा और महिलाओं ने झूले का आनंद लिया। फूलपुर/मेजवां/अंबारी संवाददाता के अनुसार मुंडियार स्थित मुंडेश्वर नाथ मंदिर, शंकर तिराहा, मकसुदिया में झारखंड मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पौराणिक स्थल दुर्वाषा में मेला जैसा दृश्य था। बिलारमऊ, माहुल, दीदारगंज, गोधना, मैगना, पुष् पनगरस्थानों पर नागपंचमी का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया।
निजामाबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के दत्ताश्रेय धाम, महादेवघाट पातालपुरी, फरहाबाद स्थित पुराना शिवमंदिर स्थानों पर भगवान शिव के पूजन को भक्तों का तांता लगा था। बिंद्राबाजार संवाददाता के अनुसार रानीपुर रजमों स्थित मां अग्वानी के मंदिर पर नागपंचमी के अवसर शिवलिंग पर भक्तों ने दूध चढ़ा कर पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने कढ़ाही चढ़ाई और लोगों को प्रसाद बांटा। मार्टीनगंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में नागपंचमी पर्व पर सुबह से नागदेव के दर्शन-पूजन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वझूले के साथ महिलाएं कजरी गीत गा रही थी।