पवई। सुल्तानपुर जनपद में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही पवई थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव पहुंचते ही दोनों बेटों के शव देखकर मां किरन गौड़ की चीखें सुन हर किसी का कलेजा कांप उठा। वह बेसुध होकर बार-बार यही कहती रहीं अब किसके सहारे जिऊंगी, किससे अपना दुख-दर्द कहूंगी।
बहरामपुर गांव निवासी सुमित गौड़ (25) और शुभम गौड़ (22) कानपुर में परिवार के साथ रहकर रोजी-रोटी कमाते थे। घर बनवाने के लिए दोनों भाई गांव जा रहे थे। रविवार की रात करीब 11 बजे जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के 134.2 किलोमीटर के पास पीली पट्टी के अंदर खराब खड़े तिरपाल से ढंके एक लोडेड ट्रक में उनकी बाइक पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई बाइक समेत ट्रक में घुस गए। सुमित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शुभम ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों के शव जब गांव पहुंचे तो पिता बुद्धू गौड़ और मां किरन गौड़ शवों से लिपटकर रो पड़े। घर के बाहर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि दोनों भाई रात में न निकलकर सुबह निकलते तो शायद यह हादसा न होता। सोमवार को गांव से कुछ दूरी पर अंडिका गांव स्थित मझुई नदी के तट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव की आंखें नम थीं और हर जुबान पर एक ही बात एक ही झटके में एक मां से उसके दोनों बेटे छिन गए।
मृतक सुमित गौड़। संवाद