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हत्या, दुष्कर्म, पाक्सो के मामले पिछले साल जितने, फिर भी क्राइम कंट्रोल का दावा

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आजमगढ़। जिले में एक के बाद एक अपराध हो रहे हैं लेकिन पुलिस महकमा इसे मानने को तैयार नहीं है। तीन सालों का आंकड़ा लेकर कप्तान क्राइम कंट्रोल का दावा कर रहे है। लेकिन हकीकत ये है कि हत्या, दुष्कर्म, पाक्सो के मामले पिछले साल जितने ही इस साल भी सामने आए है। सबसे बड़ी बात तो यह रही कि इस बार हुई हत्याओं में कई राजनैतिक हत्याएं भी शामिल रही है। सत्ताधारी दल के नेता की हत्या हो गई और पुलिस ने जो खुलासा किया उस पर महकमे के ही बड़े अधिकारी ने जांच बैठा कर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
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कुछ दिनों पूर्व जिले के आए प्रभारी व गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने मीडिया से बातचीत की थी। इस दौरान कुछ मीडिया कर्मियों ने जिले में बढ़ते क्राइम पर सवाल उठाने पर बड़े कप्तान नाराज तक हो गए थे। इसके बाद महकमे ने साल भर का आंकड़ा तैयार करवाया और पिछले दो सालों की तुलना में जिले में क्राइम कंट्रोल में होने का दावा किया। गुरुवार को पुलिस आफिस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने 15 दिसंबर 2020 तक का आंकड़ा प्रस्तुत किया। जिसमें डकैती के दो मामले दिखाए गए, इतना ही 2019 में भी था। लूट के 29 मामले दिखाए गए जो 2019 से मात्र दो कम था। 2020 में हत्या के 61 मामले पुलिस के आंकड़ों में शामिल है और 2019 में 63 मामले है वहीं गुरुवार को हुई दो हत्याओं के बाद इसमें भी दो हत्याओं के कमी का पुलिस का आंकड़ा फेल हो गया। अपहरण के मामलों में जरूर कमी देखने को मिली है। 2019 में जहां 144 मामले सामने आए थे वहीं 2020 में 14 मामले कम है। दहेज हत्या के मामलों में 2020 में उछाल दर्ज किया गया है। इस साल 30 प्रकरण सामने आए है जबकि 2019 में मात्र 23 थे। बलात्कार के प्रकरण 2019 में 25 थे तो 2020 में 24 पुलिस ने दिखाया है, लेकिन बुधवार को बिलरियागंज में सात माह पूर्व हुए दुष्कर्म के मामले को प्रकाश में आने के बाद यह भी जस का तस हो गया है। पाक्सो एक्ट की बात की जाए तो इसमें भी 2019 व 2020 के आकड़ों में कोई खास अंतर नहीं है। 2019 में पाक्सो के 114 मामले प्रकाश में आए थे तो इस साल 108 प्रकरण सामने आए है। चोरी की घटनाओं में कुछ कमी जरूर दर्ज की गई है। 2020 में शराब, तमंचा व गोवध के मामलों में जनपद पुलिस की कार्रवाई में कुछ तेजी जरूर देखने को मिली। शस्त्र अधिनियम के 356 मामले दर्ज हुए, जिसमें 381 नामजद किए गए, इसमें 377 गिरफ्तार है। अवैध शराब मामलो में 425 नामजद किए गए और सभी गिरफ्तार है। गोवध के 72 मामलो में 284 नामजद किए गए, जिसमें 236 गिरफ्तार कर लिए गए।
मिशन शक्ति के बाद भी बढ़ी महिला उत्पीड़न की घटनाएं
आजमगढ़। पुलिस महकमा क्राइम कंट्रोल का दावा कर रहा है लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ है नहीं। यह सच्चाई है कि आपराधिक घटनाएं बढ़ी है। 2020 में महिला उत्पीड़न पर लगाम लगाने को लेकर बड़ी योजना मिशन शक्ति की शुरूआत हुई लेकिन जिले में महिला उत्पीड़न के मामलों पर कोई लगाम नहीं लग सका। पिछले साल के बराबर अथवा उससे अधिक की घटनाएं हुई है। बलात्कार के 25 मामले इस बार भी पुलिस रिकार्ड में दर्ज है। इतने ही 2019 में भी थे। पाक्सो के 108 प्रकरण इस साल सामने आए जो पिछले साल 114 थे, पाक्सो में मामूली कमी दर्ज हुई है। दहेज हत्या के प्रकरण बढ़े है। 2019 में जहां 23 मामले थे वहीं इस बार 31 हो गए है।
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