देवरिया सेंट्रल बैंक से 2.12 करोड़ रुपया लेकर भागने वाले सिपाही श्रीप्रकाश सिंह के सहयोगी मुन्ना सिंह और पप्पू सिंह को एसटीएफ ढूंढ रही है। शनिवार की शाम नगर के सिधारी हाईड्रिल से कांस्टेबल और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ के हाथ अहम सबूत लगे हैं। पता चला कि सिपाही श्रीप्रकाश ने रियल एस्टेट, सूदखोरी और खेती की जमीन के कारोबार में रुपये लगा चुका है। अब बाकी खुलासा पप्पू और मुन्ना के पकड़े जाने के बाद होगा। एसटीएफ ने इनकी गिरफ्तारी के जाल बिछा दिए हैं।
गोरखपुर एसटीएफ के सीओ विकास चंद्र त्रिपाठी की माने तो श्रीप्रकाश सिंह बैंक से रुपये लेकर फरार होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद सहित अन्य कई शहरों का चक्कर काटता रहा। इस दौरान वह कई मित्रों से मिला। इनमें से कई लोग ऐसेे हैं, जो गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली जैसे शहरों में रियल स्टेट का कारोबार करते हैं। इसके अलावा श्रीप्रकाश सिंह ने भी अपने गांव के आसपास बड़े पैमाने पर खेती की जमीन में रुपये लगाने वाला था। आजमगढ़ में सूद के कुछ कारोबारी को रुपये देने के लिए बिचौलियों की मदद ले चुका था।
एसटीएफ की माने तो श्रीप्रकाश रिश्तेदारों की फौज के दम पर जमीन सहित अन्य कारोबार से जुड़ना चाहता था। एसटीएफ के निशाने पर आजमगढ़ सहित आसपास के जिलों के कई ऐसे लोग भी हैं, जो सूद का कारोबार करते हैं। सीओ ने बताया कि जल्द ही पप्पू और मुन्ना को वह लोग पकड़ लेंगे।