मेजवां। फिल्मों और सामाजिक दुनिया की जानी मानी नाम शौकत कैफी के इंतकाल से हिंदुस्तान को बड़ा झटका लगा है। इनके निधन से न सिर्फ बॉलीवुड व थिएटर जगत के लोग मर्माहत हैं बल्कि मेजवां गांव में उनके निधन से लोग शोकाकुल हैं। मेजवां में उनके साथ बिताए बीते पलों को याद कर रहे हैं। शनिवार को मेजवां गांव में शोक में स्कूल बंद थे। कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर, कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कालेज में शोकसभा हुई। उधर, फूलपुर तहसील बार संघ की ओर से अध्यक्ष श्रीराम की अध्यक्षता में शोकसभा हुई।
मिजवां सोसाइटी प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि शौकत कैफी के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। फिल्म और सामाजिक दुनिया दोनों का काफी नुकसान हुआ है। फिल्मों में उनके काम करने का तरीका अलग अंदाज में था। उनसे लोग सीख लिया करते थे। आज हमने एक अच्छे किरदार को खो दिया है। संयोगिता ने कहा कि गांव हम सभी लोग शौकत कैफी को मम्मी कहा करते थे। जब भी वह मुंबई से मेजवां आती थीं बच्चों के लिए कुछ न कुछ लेकर आती थीं। कैफी साहब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती थीं। यही वजह रही है कि मेजवा गांव की तरक्की में उनका काफी सहयोग रहा है।
अधिवक्ता संघ के महामंत्री प्रदीप सिंह ने कहा कि शौकत कैफी एक तरक्की पसंद महिला थीं। उन्हें लोग प्यार से शौकत आपा कहा करते थे। इस मौके पर प्रिंसिपल शेख समीना आजमी, लल्लन, मनोज, प्रकाश, रामफेर, सुरेंद्र, अनिरुद्ध, अनीता, सुनीता, लाडली, श्रीराम यादव, सैयद शमीम काजिम, इश्तियाक, लालचंद यादव, राम नारायण यादव, सुभाष, पीसी लाल, इंदुशेखर, रामपलट, इम्तियाज, अकबाल, राजेश, ओमप्रकाश, अब्दुल अहद थे।
कैफी आजमी,शौकत आजमी और शबाना आजमी।-फाइल फोटो- फोटो : AZAMGARH
मेजवां गांव में स्थित कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर में आयोजित शोकसभा में मौजूद लोग।- फोटो : AZAMGARH