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Azamgarh News: संतान की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा निर्जला व्रत

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16 सगड़ी के बोझिया गांव में जीवित्पुत्रिका व्रत पर पूजा अर्चना करती महिलाएं। संवाद
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आजमगढ़। जीवित्युत्रिका का पर्व रविवार को जिले में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पूरे दिन महिलाओं ने निराजल व्रत रखा। सुबह मछली का दर्शन कर दान दिया। शाम को गाजे बाजे के साथ मंदिरों, घाटों पर पूजन-अर्चन को महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। विधि-विधान से पूजन अर्चन कर पुत्रों के लंबी उम्र की कामना की।
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जीवित्पुत्रिका का पर्व धूमधाम से श्रद्धापूर्वक मनाया गया। सुबह गलियों में विभिन्न बर्तनों में मछलियां लिए बच्चे घूम रहे थे और दर्शन की पुकार लगा रहे थे। महिलाओं ने मछलियों का दर्शन कर दान-दक्षिणा किया। इसके बाद घर की साफ-सफाई कर नहा-धोकर पूरे दिन निराजल व्रत रखा। शाम होते ही हाथों में पूजन की थाली लिए महिलाएं गाजे-बाजे के साथ नगर के गौरीशंकर घाट, सिधारी घाट, अनंतपुरा स्थित गायत्री माता मंदिर सहित नदियों, तालाबों और घाटों पर उमड़ पड़ी। महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत कथा का श्रवण किया और विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना की। रानी की सरायः क्षेत्र में जीवित्पुत्रिका का पर्व श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया गया।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूजन-अर्चन को महिलाओं की भीड़ रही। फूलपुर: नगर और ग्रामीण इलाकों में जीवित्पुत्रिका का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। माताओं ने पूरे दिन निराजल व्रत रखा, मछलियों का दर्शन कर दान दिया। क्षेत्र के शीतला माता मंदिर पवई, शिवालय पोखरा, शिवधाम बेलवाई, मिल्कीपुर सहित अन्य स्थानों पर भी महिलाओं की भीड़ रही। अंबारी: माहुल नगर के काली चौरा मंदिर पर शाम चार बजे से कस्बे के आलावा पास के गावों की माताओं का आना शुरू हुआ। ये लोग पूजा स्थल पर बनाए गए गोट के पास बैठकर धूप दीप के साथ पूजा अर्चना शुरू कर दिया, जो रात 8 बजे तक चला। माताएं अपने पुत्रों के लंबे जीवन के साथ उनके मंगल और यश्श्वी जीवन के लिए गीत संगीत के साथ भगवान से प्रार्थना किया। व्यवस्थापक सुजीत जायसवाल आशु ने माताओं के पैर छूकर आर्शीवाद लिया। इसी तरह अंबारी ,पूरामया पाण्डेय,गनवारा,निजामपुर, ओरिल, फरीदपुर, दखिनगावां, पल्थी, दीदारगंज, खांजहापुर आदि गावों में मनाया गया।
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