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Azamgarh News: जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद प्रसूता और एक बच्चे ने तोड़ा दम, शव लेकर थाने पहुंचे परिजन

Thu, 09 Jun 2022 04:02 PM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आजमगढ़

सार

निजी अस्पताल में जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद एक बच्चे व प्रसूता ने दम तोड़ दिया। ऑपरेशन से डिलिवरी के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे फूलपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां पर उसकी सांस थम गईं। इसके बाद परिजन प्रसूता के शव को लेकर अहरौला थाने के सामने पहुंचे।
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पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निजी अस्पताल में जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद एक बच्चे व प्रसूता ने दम तोड़ दिया। ऑपरेशन से डिलिवरी के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे फूलपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां पर उसकी सांस थम गईं। इसके बाद परिजन प्रसूता के शव को लेकर अहरौला थाने के सामने पहुंचे। यहां परिजनों ने चिकित्सकों को जच्चा व बच्चा की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।

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लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। जहां दोनों पक्षों में काफी देर तक सुलह-समझौता होता रहा। अहरौला थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी कंचन पत्नी संदीप कुमार गर्भवती थी। मंगलवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला ले गए।

परिजनों ने बताया कि जब वह सीएचसी पर पहुंचे तो वहां तैनात एक नर्स ने उन्हें पकड़ी बाजार में स्थित एक निजी क्लीनिक पर ले गई। जहां रात में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब आठ बजे बाहर से एक निजी चिकित्सक बुलाकर ऑपरेशन से डिलवरी कराई गई।

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ऑपरेशन होने पर जुड़वा बच्चे पैदा हुए। जिसके एक बच्चे की मौत हो चुकी थी जबकि दूसरा बच्चा जिंदा है। ऑपरेशन के दो घंटे बाद कंचन की हालत बिगड़ने लगी। कंचन की हालत बिगड़ता देख क्लीनिक के संचालक डॉक्टर उसे लेकर फूलपुर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे। जहां पर इलाज के दौरान दोपहर करीब दो बजे प्रसूता कंचन ने दम तोड़ दिया।

उधर परिजन चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला व नवजात शिशु का शव लेकर शाम करीब चार बजे अहरौला थाने पहुंचे। जहां परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों से आए लोग सुलह-सझौते का प्रयास करते रहे।

काफी मशक्कत के बाद मामला सुलझा और परिजन शव को लेकर दाह संस्कार करने के लिए चले गए। मृतका कंचन की शादी तीन साल पूर्व हुई थी। बेटी के मौत की खबर सुनकर उसकी माता चंद्रिका देवी और पिता लालचंद का रो-रोकर बुरा हाल है।
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इस मामले में अहरौला थानाध्यक्ष गजानंद चौबे ने बताया कि प्रसूता व नवजात की मौत के बार परिजन शव लेकर थाने पर आये थे जहां अस्पताल प्रशासन व पीड़ित परिवार के बीच बातचीत हुई। दोनों पक्षों में समझौता हो गया। जिसके बाद मृतका के परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। थाने पर कोई तहरीर नहीं दी गई जिसके चलते कोई मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है।
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