हाइवे निर्माण में जा रही किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा देने में जिला प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। इसी क्रम में लालगंज तहसील के गोमाडीह और उबारपुर के ज्यादातर किसान जिनकी जमीनों के अभिलेख थे उन्हें पूर्व में ही मुआवजा दिया जा चुका है।
लेकिन इसके बाद भी काफी किसानों को जमीन का मुआवजा देना बाकी रह गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसओसी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाया। जांच के दौरान बाकी बची जमीनों में ज्यादातर जमीनें ग्राम समाज की निकली।
लापता व्यक्ति के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को 95 लाख रुपये का मुआवजा जारी कर फंसा जिला प्रशासन अब अपने कदम को फूंक-फूंक कर रख रहा है। अगर कोई विवादित मामला मिल रहा है तो उसे सिविल कोर्ट में भेजा जा रहा है।
वहीं अगर किसी जमीन के अभिलेख नहीं मिल रहे हैं तो उसके पुराने अभिलेखों की खोज करने के साथ ही उक्त गांव में मौके पर जाकर मामले का निपटारा किया जा रहा है। लालगंज तहसील के गोमाडीह गांव में कुछ जमीनों के अभिलेख नहीं मिल रहे थे।
जिसके कारण किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसओसी श्रीप्रकाश राय शनिवार को गोमाडीह गांव में पहुंचे। जहां उन्होंने अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान बाकी बची जमीनों में ज्यादातर जमीनें ग्राम समाज की निकली। सीआरओ के निर्देश पर लेखपाल और कानूनगो जमीनों के अभिलेख तैयार करने में जुटे हुए हैं।
गोमाडीह गांव में जमीनों की जांच में ज्यादातर जमीन ग्राम समाज की पाई गई हैं। वहीं उबारपुर गांव में जमीनों के ज्यादातर अभिलेख गायब हैं। जल्द ही उबारपुर में भी कैंप लगाकर हाइवे में जा रही जमीनों की अभिलेखों के आधार पर जांच की जाएगी। इसके बाद ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। -आलोक कुमार वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी।