आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। कागजों पर आंकड़े और योजनाएं तैयार हैं, जागरूकता के दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत इससे उलट है।
शहर और कस्बों के कई मुहल्लों में गंदगी, जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोग त्रस्त हैं। फिर भी दवा छिड़काव और फॉगिंग की कोई व्यवस्था जमीनी स्तर पर नहीं की गई है।
शहर क्षेत्र में नगरपालिका विकास का दावा करती है लेकिन स्टेडियम के पीछे वाले गेट तक जाने वाला रास्ता वर्षों से खराब है। इसके कारण इस मार्ग पर जलभराव से खिलाड़ियों को आवागमन में परेशानी होती है। वहीं हीरापट्टी वार्ड की बात करें तो यहां पूरे वर्ष पानी जमा रहता है। वार्ड छह की सभासद रेखा यादव ने कहा कि मलेरिया विभाग ने कभी संपर्क नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में जलभराव है, वहां मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में संक्रमक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सफाई, पानी निकलना, छिड़काव एवं फॉगिंग कराना नगर पालिका का कार्य है। गांव में डीपीआरओ के अंदर पंचायती राज को मिला है। एक तारीख से संचारी रोग अभियान चल रहा। हर हफ्ते डीएम समीक्षा करेंगे।