सुबह घने कोहरे में हेडलाइट जलाकर चलते वाहन।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में भी गलन भरी ठंड बढ़ गई है। मौसम में बदलाव के चलते सोमवार की शाम से लेकर सोमवार की दोपहर तक जिला कोहरे के बीच छिपा रहा। सर्द हवाओं के साथ गलन भरी ठंड के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
ठंड से बचने के लिए जिले में जगह-जगह लोगों ने अलाव का सहारा लिया। दोपहर में डेढ़ बजे हल्की धूप हुई लेकिन कुछ देर बाद फिर बदली छा गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा।
नए साल के दूसरे दिन दो जनवरी को भी लोगों को धूप के लिए तरस जाना पड़ा। रविवार की शाम अचानक धुंध छा गया और रात 11 बजे तक दृश्यता कमजोर पड़ गई। कोहरा इतना जबरदस्त था कि दस फीट की दूरी पर भी कोई स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। कोहरे का असर सोमवार दोपहर तक रहा।
इस दौरान सड़कों पर वाहन लाइट जलाने के बाद भी रेंगने नजर आए। कोहरे के चलते दो स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं में एक की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरे दिन आसमान में बदली छाई रही और सर्द हवाओं के कारण गलन में काफी इजाफा देखने को मिला। डेढ़ बजे के करीब हल्की धूप निकली लेकिन दस मिनट बाद फिर बदली छा गई।
सुबह कोहरे के चलते आजमगढ़-वाराणसी मार्ग, आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग, छतवारा मोड़, भंवरनाथ और बैठौली बाईपास आदि मार्गो पर वाहन रेंगते नजर आए। फरिहां संवाददाता के अनुसार जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी निजामाबाद कस्बे में कई स्कूल खुले रहे। इस दौरान ठंड में कांपते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे।
निजामाबाद के नई सड़क पर पुरानी तहसील के पास गाडिय़ां हेडलाइट जलाकर चल रही थी। निजामाबाद संवाददाता के अनुसार तहसील प्रशासन की ओर से 18 स्थानों पर अलाव जलवाने का दावा किया जा रहा है लेकिन कुछ सार्वजनिक स्थानों पर अलाव नहीं जल रहे हैं। उपजिलाधिकारी निजामाबाद अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपालों को अलाव जलवाने का निर्देश दिया गया है।