आजमगढ़। जिले की सड़कों पर 500 से अधिक अनफिट स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से बच्चों को ढोने से हादसे की आशंका बनी रहती है। मगर स्कूल प्रबंधन इन वाहनों की फिटनेस नहीं करा रहे हैं। अन्य जनपदों में हो रहे हादसों से भी स्कूल संचालकों द्वारा सबक नहीं लिया जा रहा है। एआरटीओ ने अनफिट वाहनों के संबंध में कई स्कूलों के प्रबंधन को नोटिस भेजा है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही इन वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं लिया तो इन वाहनों को सीज करके कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में संचालित प्राइवेट स्कूलों ने कुल 1200 से अधिक छोटे-बड़े स्कूली वाहनों का पंजीकरण संभागीय परिवहन विभाग में कराया है। इनमें मिनी बस, बस व मैजिक आदि गाड़ियां शामिल हैं। बीते दो वर्षों में कोरोना महामारी के बीच स्कूल बंद होने से 500 से अधिक वाहनों की फिटनेंस की वैद्यता समाप्त हो गई है। नए सत्र में सभी स्कूल फिर पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जा रहे हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन ने 500 से अधिक अनफिट वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र अभी तक नहीं लिया है। आलम ये है कि इन अनफिट वाहनों से ही स्कूली बच्चे ढोए जा रहे हैं। बीते दिन गाजियाबाद में हुए स्कूल बस हादसे से भी स्कूल प्रबंधन कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं। आलम ये है कि पंजीकृत स्कूली वाहनों के अलावा दर्जनों अन्य वाहन भी स्कूली बच्चों को गाड़ियों में भूसे की तरह भरकर ढो रहे हैं। ई-रिक्शा से भी तमाम बच्चे स्कूल भेजे जा रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह दिख रहे हैं।
अनफिट गाड़ियों में मिले बच्चे तो स्कूलों पर कार्रवाई
आजमगढ़। गाजियाबाद मे स्कूल बस हादसे के बाद शासन सख्त हो गया है। इसे लेकर संबंधित परिवहन अधिकारी की भी जवाबदेही तय की है। शासन के निर्देश पर स्कूल बसों की फिटनेस की जांच के लिए एक सप्ताह का प्रदेश व्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि स्कूल बसों के लिए तय मानक के हर पहलू का परीक्षण किया जाए। मानक के विपरीत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल वाहनों में जरूरी सामान
- स्कूल वाहनों का रंग पीला होना चाहिए।
- आगे व पीछे स्कूल बस लिखा होना चाहिए।
- आगे-पीछे स्कूल ऑन ड्यूटी लिखा होना चाहिए।
- अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटे हो।
- वाहन पर स्कूल का नाम व मोबाइल नंबर अंकित हो।
- सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की ग्रिल लगी हो।
- वाहन में आग बुझाने का उपकरण लगा हो।
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स जरूर हो।
- वाहन में स्कूल का एक सहायक हो।
-वाहन के दरवाजे पर मजबूत लॉक लगा हो।
- वाहन चालक के पास पांच वर्ष का अनुभव हो।
एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। दो दिन पूर्व कुछ वाहनों पर कार्रवाई की गई है। फिटनेस न कराने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए अनफिट स्कूल वाहन सीज किए जाएंगे।