पौराणिक स्थल चंद्रमा ऋषि आश्रम का निरीक्षण करते डीएम अमृत त्रिपाठी।
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जिले के कंधरापुर क्षेत्र में स्थित पौराणिक स्थल चंद्रमा ऋषि आश्रम का कायाकल्प होगा। आश्रम के प्रवेश द्वार के बगल में खाली पड़ी जमीन को कमल सरोवर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही सरोवर को तमसा नदी से जोड़ा जाएगा। साथ ही आश्रम के पास स्थित पार्क में नवग्रह वाटिका विकसित की जाएगी। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शनिवार को चंद्रमा ऋषि आश्रम का निरीक्षण कर इन कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि सरोवर को तमसा नदी से जोड़ने से सरोवर में स्वच्छ जल की आपूर्ति होगी ताकि श्रद्धालु सरोवर के जल से आचमन कर सकें।
जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शनिवार को पौराणिक स्थल चंद्रमा ऋषि आश्रम पर का निरीक्षण किया। उनके साथ कई विभागों के अधिकारी भी रहे। जिलाधिकारी ने मंदिर के नाम स्थापित ट्रस्ट के नाम पर खाता खोलने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर के नाम पर मिलने वाले अनुदान को सुरक्षित रखा जाए। कहा कि ऑनलाइन अनुदान के लिए वेबसाइट बनाई जाए। साथ ही मंदिर के पुजारी के लिए मासिक मानदेय निर्धारित की जाए जिसका भुगतान ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेन रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की मरम्मत करा कर उसके किनारे फूल-पौधे लगाए जाएं। सड़क के किनारे एक बड़ा सा साइन बोर्ड लगाया जाए, जिस पर मंदिर के मार्ग को दर्शाया जाए। उन्होंने सोलर लाइटों को हटाकर हाईमास्ट हैलोजन लाइट लगाने के निर्देश दिया। उन्होंने पार्क के चारों तरफ मनरेगा की ओर से ऊंची और मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा कि आश्रम परिसर में इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए और उस पर चंद्रमा ऋषि से संबंधित कहानियां चलाई जाएं। उन्होंने कैंपस का निरीक्षण करते हुए कहा कि नदी की साफ-सफाई का विशेष प्रबंध करते हुए सीढ़ियों पर मार्बल लगाने की कार्य योजना तैयार करें। रैन बसेरा के लिए मंदिर परिसर के अंदर दूसरे जगह पर बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई, खंड विकास अधिकारी, डीपीआरओ लालजी दुबे, कार्यदाई संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।