आजमगढ़। नगर पालिका द्वारा हाल ही में बंदरों को पकड़ने के लिए टीम बुलाई गई थी। इस टीम द्वारा 900 बंदरों को पकड़ने का दावा किया गया। बंदरों को पकड़कर उसे शहर के इर्द गिर्द ही छोड़ दिया गया। जबकि इन बंदरों को पकड़कर कुसुम्ही के जंगल में छोड़ने का करार हुआ था। पकड़ने वाले ने करार के हिसाब से अपने पैसे लिए और चलता बना। अब जिन क्षेत्रों में बंदरों ने आतंक मचाना शुरू किया है। उन क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रशासन से इसकी शिकायत शुरू कर दी गई है।
नगर क्षेत्र के लोग काफी दिनों से बंदरों के आतंक से परेशान थे। इनसे निजात की मांग लोगों द्वारा जिला प्रशासन और नगर पालिका से की जा रही थी। जिसे देखते हुए नगरपालिका द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए बाहर से टीम बुलाई गई। जिसने गई दिनों तक नगर में रहकर बंदरों की धरपकड़ की। नपा ने दावा किया कि लगभग 900 बंदरों को पकड़ा गया। इन बंदरों को पकड़ने वाली टीम से इन्हें कुसुंही के जंगल में छोड़ने का करार हुआ था। लेकिन टीम ने इस बंदरों को ले जाकर नगर के आसपास ही छोड़ दिया। जिसका परिणाम हैं कि बहुत से बंदर तो वापस फिर शहर में आ गए। वहीं जिन क्षेत्रों में कभी बंदर नहीं थे उन क्षेत्रों में इनका विस्तार हो गया। जिसे लेकर जिला प्रशासन के पास अब लोगें की शिकायतें पहुंचने लगी हैं। इन शिकायतों पर एडीएम वित्त की ओर से नपा को पत्र जारी कर इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट को मांगे हुए 15 दिन से अधिक का समय हो गया है लेकिन अब तक नगर पालिका की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
नगर क्षेत्र में बंदरों को पकड़कर अगल बगल छोड़े जाने की शिकायत मिली है। जिसके लिए नगर पालिका के ईओ को पत्र जारी कर कांट्रैक्टर का वेतन रोकने के साथ ही बंदरों को कहां छोड़ा गया है इसकी जांच कराने का निर्देश दिया गया है। - आजाद भगत सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।