Lok Sabha Election: आपातकाल के बाद 1978 में उपचुनाव हुए। जिसमें कांग्रेस ने मोहसिना किदवई को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत हासिल की। 2004 के आम चुनाव में रामतजी राजभर ने ताल ठोकी।
आजमगढ़ संसदीय सीट पर अब तक 20 चुनाव हो चुके हैं। 17 आम चुनावों के अलावा यहां तीन बार उपचुनाव हुए हैं। इन चुनावों में से मात्र एक बार इस सीट पर मतदाताओं ने महिला उम्मीदवार को अपना रहनुमा चुना।
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यह उपलब्धि कांग्रेस की दिग्गज नेता मोहसिना किदवई को हासिल है। आजमगढ़ संसदीय सीट पर जीत दर्ज करने वाली मोहसिना इकलौती सांसद हैं। उनके अलावा सभी की जमानत जब्त हो गई।
आजमगढ़ सीट से मात्र छह महिला प्रत्याशियों ने ही चुनावी समर में ताल ठोकी है।
आजमगढ़ लोकसभा सीट से अब तक मात्र छह महिलाओं ने ठोकी ताल
रामतजी राजभर को कुल 3,492 मत प्राप्त हुए थे। इसके बाद 2009 में भी एक निर्दलीय उस्माना फारुकी मैदान में उतरीं। उन्हें मात्र 1,438 मत मिले। 2014 में किरन शर्मा भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से मैदान में उतरीं। उन्हें 1,298 मत मिले।
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उपचुनावों की बात करें तो तीन उपचुनाव में तीन महिला उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाया। जिसमें 1978 में इस सीट पर कांग्रेस से मोहसिना किदवई और प्रकाशवती निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरीं। जिसमें मोहसिना किदवई ने 1,31,329 मत पाकर जीत हासिल की।