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मोहर्रम ः ताजिए के जुलूस में गूंजा नारा-ए-तकबीर

Sat, 24 Oct 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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दसवीं मोहर्रम पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिए का जुलूस निकाला गया। अखाड़े, ढ़ोलताजे के साथ देर रात विभिन्न कर्बलाओं में दफन किए गए। इस दौरान नारे-ए-तकबीर और नारे-ए-रिसालत से फिजा गूंजती रही। वहीं, मेहनगर में ताजिया रोके जाने पर लोगों ने प्रदर्शन भी किया। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया।
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आजमगढ़ नगर क्षेत्र में शाम साढ़े पांच बजे सभी इमाम चौकों से बैंडबाजों के साथ ताजिए उठाए गए। जो मुख्य चौक पर आकर एकत्र हुए। मुख्य चौक पर मुहल्ला एलवल, फराशटोला, मातवरगंज, बदरका, कटरा, एकतखापुल के ताजिए रहे। इन ताजियों के साथ कटरा और जामा मस्जिद के अखाड़े भी रहे।

दोनों अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवार, लाठी, बल्लम के करतब दिखाकर को लोगों को हैरान कर दिया। अखाड़े चौक से खेलते हुए पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, दलालघाट से पुरानी कोतवाली होते कर्बला गए। जहां पर दोनों अखाड़े के बीच मुकाबले हुए। कोट से निकाला गया अखाड़ा बाज बहादुर मुहल्ले में खेलने के बाद हर्रा की चुंगी से टेढ़िया मस्जिद होते कोट से पहाड़पुर आया। यहां पर पहाड़पुर अखाड़े के साथ मुकाबला हुआ।
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 दोनों अखाड़ों के साथ ताकिया से पुरानी कोतवाली होते कटरा, बदरका होते कर्बला पहुंचे, जहां पर चारों अखाड़ों के बीच मुकाबला हुआ और देर रात सभी ताजिए कर्बला में अकीदत के साथ दफन कर दिए गए।

मेजवां संवाददाता के अनुसार, ताजिया का जुलूस फूलपुर तहसील क्षेत्र के मेजवां गांव में अंजुमन अब्बासिया के तत्वावधान में अकीदत के साथ स्याह माहौल में अजादारों के बीच निकाले गए। जुलूस कैफी आजमी रोड होते हुए करबला पहुंचा। जहां ताजिया को ठंडा किया गया। इस क्रम में दसमडा, माहुल, चमावां, नहरपुर, शाहजेरपुर, खपडागांव, डिघिया, गदेपुर आदि स्थानों से जुलूस निकाला गया।

मुबारकपुर संवाददाता के अनुसार, ताजिए का भव्य ऐतिहासिक जुलूस के साथ मुहल्ला शाहमुहम्मदपुर, पूरा बाग़ स्थित इमामबाड़ा बारगाहे हुसेनी इमामबाड़ा, दूल्हा बाबा इमामबाड़ा दरबारे हुसेनी इमामबाड़ा, गांधी नगर सहित दर्जनों ताजिए का जुलूस से बड़ी अक़ीदत के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। वहीं, कुकरसंडा में पूजा समिति और ताजिएदार आमने-सामने हो गए लेकिन प्रशासन की सक्रियता से मामला शांत हो गया।

मालटारी संवाददाता के अनुसार, डोरवां चौहान बस्ती और सुंदर सराय बल्लो और पारीपट्टी से ताजिया का जुलूस निकाला गया, जो जीयनपुर, खतीरपुर से होते पूरे नगर क्षेत्र का भ्रमण करते हुए कर्बला गए जहां पर सभी ताजिए दफन किए गए।

मेहनगर संवाददाता के अनुसार, कस्बा और गौरा गांव से ताजिया निकाला गया, जो हरिबंशनगर में दो पूजा समितियों और एसओ मेहनगर द्वारा रोके जाने पर ढाई घंटे तक उसी स्थान पर पड़ा रहा। एसओ अनिलचंद तिवारी का कहना था कि पीस कमेटी की बैठक में यह तय हुआ था कि पूजा पांडाल के पास तासा नहीं बजेगा। इसके बाद नाराज होकर ताजिएदार वहां ताजिया छोड़कर चले गए और अपने मुहल्ले में पहुंचकर मार्ग को जामकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। एसडीएम मेहनगर बाबू लाल, सीओ लालगंज एसपी तोमर ने ताजियादारों को समझाया, तब जाकर सवा चार बजे सभी ताजिए कर्बला के लिए रवाना हुए और कर्बला में दफन किए गए।

ठेकमा संवाददाता के अनुसार, केदलीपुर के साथ ही बिजौली और अन्य कस्बे से ताजिया का जुलूस निकाला गया, जो ठेकमा बाजार होते मिर्जापुर स्थित कर्बला के गया। जहां सभी ताजिए दफन किए गए। पवई संवाददाता के अनुसार, अलीनगर, कछरा, समरदानपुर से ताजिए का जुलूस निकाला गया। अंबारी से ताजिए का जुलूस निकाला गया। इमामबाड़े पहुंचने पर अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया और मौलाना ने कर्बला के शहीदों पर तकरीर की। जुलूस कर्बला जाकर समाप्त हुआ।

निजामाबाद संवाददाता के अनुसार इमामबाड़े से दसवीं मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। अतरौलिया कस्बा सहित भवराजपुर, देहुला, बौडऱा, कतालपुर, लोहरा, तेजापुर, हैदरपुर से ताजिए का जुलूस निकाला गया, जो हैदरपुर स्थित कर्बला में दफन किया गया।
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