आजमगढ़। मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में जिले की स्थिति में सुधार तो हुआ है, लेकिन अभी और कार्य की जरूरत है। योजना में जिले की स्थिति में सुधार के लिए जिला प्रशासन ने ब्लाकवार अधिकारियों की रैंकिंग का निर्धारण करने का निर्णय लिया है।
जो अधिकारी इस रैंकिंग में अच्छे पाएंगे उन्हें प्रोत्साहन दिया जाएगा, लेकिन जिनकी रैंकिंग खराब पाई जाएगी उनके पेंच कसे जाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में ही कर दी। इसके लिए राज्यों को बजट भी भेजा, लेकिन जहां पर भाजपा की सरकार नहीं थी वहां पर इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो अधिकारी में चेते , काम से जिले की स्थिति में सुधार हुआ है।
अब अधिकारी लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहें हैं। जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन्हें पैसा देकर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह बैठकों का भी आयोजन किया जा रहा है।
इसके बाद भी अभी बहुत से अधिकारी हैं जो इसके प्रति लापरवाह बने हुए है। इनके कारण प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में जिले की स्थिति में आपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने ब्लाकवार रैंकिंग करने का निर्णय लिया है।
रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। जो अधिकारी अच्छी रैंकिंग हासिल करेंगे उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा और जिन अधिकारियों की रैंकिंग खराब पाई जाएगी उनके पेंच कसे जाएंगे। अगर इसके बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा और स्वच्छता को लेकर हमने ब्लाकवार रैंकिंग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है। जो मनरेगा और स्वच्छता को आधार बनाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ब्लाकवार अधिकारियों की रैंकिंग निर्धारित कर अच्छे अधिकारियों और कर्मचरियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। लेकिन जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की रैंकिंग न्यूनतम होगी उनके पेंच कसे जाएंगे। - अभिषेक सिंह, सीडीओ।